Last Updated Feb - 12 - 2026, 05:53 PM | Source : Fela News
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 114 लड़ाकू विमानों सहित राफेल खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दी
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रक्षा अधिग्रहण परिषद (Defence Acquisition Council) ने 114 लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। परिषद की बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई।
बताया जा रहा है कि इस स्वीकृति के साथ ही राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का रास्ता भी साफ हो गया है। परिषद ने वायुसेना की परिचालन क्षमता बढ़ाने और मौजूदा बेड़े को मजबूत करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की अनुमति दी। सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय वायुसेना की दीर्घकालिक जरूरतों और रणनीतिक तैयारियों से जुड़ा हुआ है।
इस बीच, रक्षा मंत्रालय के दायरे में आने वाली अधिग्रहण प्रक्रियाओं के तहत परिषद का अनुमोदन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। परिषद विभिन्न रक्षा सौदों, उपकरणों और सैन्य प्लेटफॉर्म की खरीद पर नीति स्तर की स्वीकृति प्रदान करती है। इसी प्रक्रिया के तहत लड़ाकू विमानों की इस बड़ी खरीद को औपचारिक मंजूरी मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना लंबे समय से अपने स्क्वाड्रन की संख्या और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दे रही है। मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय रणनीतिक परिदृश्य को देखते हुए आधुनिक लड़ाकू विमानों की आवश्यकता को प्राथमिकता में रखा गया है। परिषद की मंजूरी को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उन्नत लड़ाकू विमान वायुसेना की मारक क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और बहु-भूमिका संचालन क्षमता को मजबूत करते हैं। परिषद द्वारा दी गई स्वीकृति के बाद अब खरीद प्रक्रिया के अगले चरणों को आगे बढ़ाया जाएगा, जिनमें औपचारिक निविदा, तकनीकी मूल्यांकन और अनुबंध संबंधी कार्यवाही शामिल होती है।
बताया जा रहा है कि इस फैसले से न केवल वायुसेना की सामरिक ताकत बढ़ेगी, बल्कि रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम को भी गति मिलेगी। रक्षा मंत्रालय आगे की प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों और समयसीमा के अनुसार पूरा करेगा।
फिलहाल, परिषद की इस मंजूरी को भारतीय वायुसेना की परिचालन तैयारी और भविष्य की रणनीतिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय माना जा रहा है।
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