Last Updated Feb - 12 - 2026, 05:58 PM | Source : Fela News
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर के एक कार्यक्रम में पशु चिकित्सा क्षेत्र के लिए स्वतंत्र वेटरनरी काउंसिल बनाने की मांग उठाई है. भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने 12 फरवरी 2026 को नागपुर में महाराष्ट्र एनिमल एंड फिशरीज साइंसेज यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में पशु चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक स्वतंत्र वेटरनरी काउंसिल की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने बताया कि पशु स्वास्थ्य और देखभाल के निर्णय विशेषज्ञों के हाथ में होने चाहिए ताकि क्षेत्र का विकास और उन्नति सुनिश्चित हो सके.
रिपोर्ट के अनुसार, भागवत ने कहा कि पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों को ही पशु स्वास्थ्य से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए. उन्होंने अपने विचार को मुहावरे में बताते हुए कहा, “जिसका बंदर वही नचाए,” यानी किसी भी क्षेत्र में निर्णय लेने के लिए उस क्षेत्र के विशेषज्ञों को ही जिम्मेदारी दी जानी चाहिए.
भागवत ने महाराष्ट्र एनिमल एंड फिशरीज साइंसेज यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन के दौरान स्पष्ट किया कि पशुशास्त्र और पशु चिकित्सा के क्षेत्र में नीतियां और फैसले तय करने के लिए एक समर्पित और स्वतंत्र परिषद की आवश्यकता है. उनका कहना था कि केवल जानकारों की देखरेख में ही यह क्षेत्र उन्नति करेगा और उससे बेहतर परिणाम मिलेंगे.
सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि विशेषज्ञों के समर्थन और सहयोग को व्यापक रूप से लिया जा सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय उन विशेषज्ञों के पास होना चाहिए जो अपने क्षेत्र की बारीकियों को अच्छी तरह समझते हैं. इससे पशु स्वास्थ्य और प्रबंधन के ढांचे को और अधिक प्रभावी तथा पेशेवर बनाया जा सकता है.
भागवत ने यह रुख ऐसे समय में व्यक्त किया है जब पशु चिकित्सा और पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न दृष्टिकोण सामने आए हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल अनुभव ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सही विशेषज्ञता और ज्ञान होने से ही कोई क्षेत्र सुधार सकता है.
इस बीच कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी वेटरनरी काउंसिल की आवश्यकता पर सहमति जताई और कहा कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से पशु चिकित्सा सेवाओं और नीति निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ सकती है.
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