Last Updated Feb - 12 - 2026, 05:30 PM | Source : Fela News
जनरल नरवणे की किताब लीक होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने पेंग्विन इंडिया से 15 सवाल पूछकर जांच तेज की
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की प्रस्तावित पुस्तक के कथित लीक मामले में जांच तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने प्रकाशक पेंग्विन इंडिया से विस्तृत पूछताछ करते हुए 15 सवालों की सूची भेजी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पुस्तक की सामग्री आधिकारिक प्रकाशन से पहले सार्वजनिक डोमेन में कैसे पहुंची।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने प्रकाशन प्रक्रिया से जुड़े कई तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर जानकारी मांगी है। इनमें पांडुलिपि की एक्सेस, एडिटोरियल हैंडलिंग, प्रिंटिंग से पहले की डिजिटल कॉपी और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका जैसे बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि लीक आंतरिक स्तर पर हुआ या बाहरी हस्तक्षेप की आशंका है।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने यह भी पूछा है कि पांडुलिपि किन-किन लोगों को समीक्षा या संपादन के लिए उपलब्ध कराई गई थी। इसके साथ ही डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल, सर्वर एक्सेस और ईमेल संचार से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है। प्रकाशन हाउस से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि लीक रोकने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा उपाय लागू थे।
इस बीच, जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि पुस्तक के जिन अंशों के सार्वजनिक होने की बात सामने आई, वे मूल पांडुलिपि से मेल खाते हैं या नहीं। यदि मेल की पुष्टि होती है, तो लीक के स्रोत का दायरा और सीमित किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, पुलिस ने प्रकाशक से समयबद्ध तरीके से जवाब देने को कहा है, ताकि आगे की जांच प्रक्रिया को दिशा मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त जवाबों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला संवेदनशील प्रकृति का माना जा रहा है, क्योंकि पुस्तक में सैन्य मामलों और रणनीतिक संदर्भों से जुड़ी सामग्री होने की बात कही जा रही है। इसी कारण जांच एजेंसियां सावधानीपूर्वक प्रत्येक पहलू की जांच कर रही हैं।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। जवाब मिलने के बाद जांच के अगले चरण, जिसमें संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण शामिल हो सकता है, आगे बढ़ाए जाएंगे।
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