Last Updated Apr - 27 - 2026, 01:38 PM | Source : Fela News
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब पुलिस के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर के 11 ठिकानों पर रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में तलाशी अभियान चलाया है. पिछले साल ₹8 लाख की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तारी के बाद उनके घर से ₹7 करोड़ से अधिक नकद मिले थे.
पंजाब पुलिस के निलंबित पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। रिश्वतखोरी, आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार सुबह पंजाब और चंडीगढ़ में उनके 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्रवाई इतनी बड़ी है कि भुल्लर के करीबियों और कथित बेनामी नेटवर्क तक जांच का दायरा पहुंच गया है।
किन-किन शहरों में ED की रेड?
ईडी की टीमें चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में मौजूद भुल्लर से जुड़े परिसरों की तलाशी ले रही हैं। इनमें उनके सहयोगियों, संदिग्ध बेनामी संपत्ति धारकों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल हैं। एजेंसी का मकसद कथित अपराध से कमाए गए पैसों का पूरा नेटवर्क खंगालना है।
8 लाख की रिश्वत से खुला करोड़ों के खेल का राज
हरचरण सिंह भुल्लर को अक्टूबर 2025 में सीबीआई ने एक स्क्रैप कारोबारी से केस निपटाने के बदले 8 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन असली सनसनी तब मची जब छापेमारी में उनके घर से 7 करोड़ से ज्यादा नकदी, करोड़ों के गहने, लग्जरी घड़ियां और कई संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए। तभी से शक था कि मामला सिर्फ रिश्वत तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े मनी ट्रेल से जुड़ा है।
अब बेनामी संपत्तियों और मनी लॉन्ड्रिंग पर फोकस
ईडी ने यह कार्रवाई PMLA के तहत सीबीआई के दर्ज भ्रष्टाचार केस के आधार पर की है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि भुल्लर ने कथित अवैध कमाई को कहां-कहां निवेश किया, किन नामों पर संपत्तियां खरीदीं और कौन लोग इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा थे। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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