Last Updated Feb - 27 - 2026, 06:02 PM | Source : Fela News
साउथ दिल्ली के पॉश इलाके में फर्जी ईडी रेड डालकर लाखों की जूलरी लूटने की साजिश का खुलासा हुआ है। घर की नौकरानी और उसके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
राजधानी दिल्ली में फिल्म 'स्पेशल-26' जैसी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) टीम बनाकर एक परिवार के घर पर छापेमारी की गई। आरोपी खुद को अधिकारी बताकर घर में घुसे, तलाशी ली और लाखों रुपये की ज्यूलरी व नकदी लेकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड घर में काम करने वाली नौकरानी निकली।
यह मामला साउथ दिल्ली के पॉश इलाके न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का है। पुलिस के मुताबिक, 10 फरवरी को कुछ लोग यूनिफॉर्म पहनकर एक घर में पहुंचे और खुद को ED अधिकारी बताए। आरोपियों ने बिना किसी वैध वारंट के घर की तलाशी शुरू कर दी। उन्होंने बुजुर्ग दंपती के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और जूलरी व नकदी को डाइनिंग टेबल पर रखवा दिया। पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी और आत्मविश्वास से अंजाम दिया गया कि परिवार को शुरुआत में कोई शक नहीं हुआ।
हालांकि, इसी दौरान घर की बुजुर्ग महिला उषा सब्बरवाल ने किसी तरह अपने वकील पोते को फोन कर स्थिति की जानकारी दे दी। शक गहराने पर आरोपी घबराए और करीब चार से पांच लाख रुपये की जूलरी व कैश लेकर मौके से फरार हो गए। बाद में परिवार को एहसास हुआ कि यह पूरी कार्रवाई फर्जी थी और उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
13 फरवरी को दर्ज हुई शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे जांच टीम गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-4 तक पहुंची। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फर्जी वायरलेस सेट, ITBP डिप्टी कमांडेंट की यूनिफॉर्म, नकली पहचान पत्र, एक्सपायर लाइसेंसी पिस्टल और कुछ घड़ियां बरामद कीं।
जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश के पीछे घर की नौकरानी डॉ. रेखा देवी और उसकी ननद पूजा रावत थीं। दोनों ने परिवार की आर्थिक स्थिति और घर की दिनचर्या की जानकारी का फायदा उठाया। पुलिस के अनुसार, पूजा का पति प्रकाश ITBP में कॉन्स्टेबल है, जिससे यूनिफॉर्म और पहचान से जुड़े सामान का इंतजाम किया गया। हालांकि, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ITBP अधिकारी की भूमिका सीधे तौर पर इस साजिश में थी या उसकी पहचान का दुरुपयोग किया गया।
पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह सुनियोजित अपराध था, जिसमें फिल्मी अंदाज में सरकारी एजेंसी की आड़ लेकर लूट को अंजाम दिया गया।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि किसी भी एजेंसी के नाम पर आने वाले अधिकारियों से वैध पहचान पत्र और आधिकारिक दस्तावेज की पुष्टि जरूर करनी चाहिए। कानून प्रवर्तन एजेंसियां बिना वारंट इस तरह की कार्रवाई नहीं करतीं। दिल्ली पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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