Last Updated Feb - 06 - 2026, 04:37 PM | Source : Fela News
घटना से पहले सोशल मीडिया गतिविधियों और पारिवारिक परिस्थितियों की जांच की जा रही है।पुलिस डिजिटल साक्ष्य, डायरी नोट्स और परिचितों से पूछताछ पर फोकस कर रही है।
गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से करीब दस दिन पहले बहनों से जुड़ा एक सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट किया गया था। साथ ही परिवार के स्तर पर मोबाइल फोन उपयोग को लेकर भी कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब डिजिटल और मनोवैज्ञानिक दोनों पहलुओं से मामले को खंगाल रही है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस को घटनास्थल से एक डायरी भी मिली है, जिसमें कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियां और भावनात्मक नोट्स दर्ज बताए जा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि डायरी की सामग्री की सत्यता और संदर्भ की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पुष्टि हो सके।
बताया जा रहा है कि बहनों की ऑनलाइन गतिविधियों में एक विदेशी पहचान से जुड़े संवाद के संकेत भी मिले हैं। इस एंगल को लेकर साइबर सेल को जांच सौंपी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी बाहरी व्यक्ति या डिजिटल संपर्क का मानसिक स्थिति पर प्रभाव पड़ा था। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अभी तक किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच परिवार और परिचितों से भी विस्तृत पूछताछ की जा रही है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या सामाजिक दबाव, पारिवारिक परिस्थितियां या व्यक्तिगत कारण इस घटना के पीछे रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी संभावित कारणों को समानांतर रूप से जांच में शामिल किया गया है।
वहीं दूसरी ओर इलाके में घटना के बाद से शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने परिजनों को मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल डेटा रिकवरी और फोरेंसिक विश्लेषण की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही घटना के कारणों पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
फिलहाल जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय पहलुओं दोनों को जोड़कर मामले की परतें खोलने में जुटी हैं, ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
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