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जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर सख्ती, आठ एमबीबीएस छात्र निलंबित

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर सख्ती, आठ एमबीबीएस छात्र निलंबित

Last Updated Jan - 31 - 2026, 03:15 PM | Source : Fela News

जबलपुर के एनएससीबी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया। जांच में दोषी पाए गए आठ MBBS छात्रों को निलंबित किया गया।
जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर सख्ती
जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर सख्ती

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज (NSCB Medical College) में रैगिंग के एक गंभीर मामले पर कॉलेज प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एंटी रैगिंग कमेटी की विस्तृत जांच के बाद एमबीबीएस के आठ छात्रों को दोषी पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। यह फैसला कॉलेज परिसर में रैगिंग के प्रति "जीरो टॉलरेंस नीति को साफ तौर पर दर्शाता है। 

यह मामला तब सामने आया जब एमबीबीएस 2024 बैच के प्रथम वर्ष के एक छात्र ने कॉलेज प्रबंधन से लिखित शिकायत की। छात्र ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में उसके साथ मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी रैगिंग कमेटी को जांच के निर्देश दिए। 

जांच के दौरान संबंधित छात्रों के बयान दर्ज किए गए, हॉस्टल का निरीक्षण किया गया और अन्य छात्रों से भी बातचीत की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हॉस्टल परिसर में रैगिंग की घटना हुई थी और इसमें एमबीबीएस 2023 बैच के आठ छात्र शामिल थे। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने तीन स्तर पर सजा तय की। 

पहली कार्रवाई के तहत सभी दोषी छात्रों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दूसरी और सबसे अहम सजा यह है कि इन छात्रों को तीन से छह महीने के लिए अकादमिक सत्र से निलंबित कर दिया गया है। इस निलंबन के चलते उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित होगा और पढ़ाई में देरी होगी। तीसरी कार्रवाई के रूप में निलंबन अवधि के दौरान इन छात्रों को हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया है। 

कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि रैगिंग को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही शिकायत मिली, तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू की गई और निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई की गई। डीन ने साफ शब्दों में कहा कि मेडिकल कॉलेज में छात्र अपना भविष्य बनाने आते हैं, न कि किसी की जिंदगी मुश्किल बनाने। 

निलंबित छात्रों में नवदीप चौधरी, प्रकाश बावरिया, विक्रम सिंह मीणा, धर्मेंद्र कुशवाहा, केशव गौतम, सुदीप जयसवाल, नवनीत कुशवाहा और रवि मीणा शामिल हैं। सभी छात्र वर्तमान में थर्ड ईयर एमबीबीएस में अध्ययनरत थे। 

कॉलेज प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) रैगिंग के मामलों को लेकर बेहद सख्त है। भविष्य में यदि इस तरह की कोई घटना सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें रस्टिकेशन या स्थायी निष्कासन तक शामिल हो सकता है। 

डीन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे यह समझें कि रैगिंग कोई मजाक या परंपरा नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है। इस कार्रवाई के बाद कॉलेज प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों में डर और दबाव की कोई जगह नहीं है, और छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

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