Last Updated Feb - 26 - 2026, 03:35 PM | Source : Fela News
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब दिया। भारतीय प्रतिनिधि ने जम्मू-कश्मीर पर विकास और बजट आंकड़ों का हवाला देते हुए कड़ा प्रतिवाद किया।
अनुपमा सिंह ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान की ओर से उठाए गए जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को लेकर पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता है, वहां विकास और बजट का स्तर अंतरराष्ट्रीय सहायता से कहीं अधिक है।
बताया जा रहा है कि भारतीय प्रतिनिधि ने अपने वक्तव्य में कहा कि जम्मू और कश्मीर का बजट अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से पाकिस्तान को मिलने वाली सहायता से भी अधिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह तथ्य क्षेत्र में विकास और प्रशासनिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सूत्रों के मुताबिक भारतीय पक्ष ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने देश के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए, जहां अल्पसंख्यकों और महिलाओं की स्थिति पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी दोहराया और कहा कि सीमा पार गतिविधियां क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बनी हुई हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने परिषद में स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और वहां किए जा रहे विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बार-बार झूठे आरोप लगाना केवल अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग है।
वहीं दूसरी ओर भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान को अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकार स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह तथ्यों के आधार पर स्थिति को समझे और भ्रामक प्रचार से प्रभावित न हो।
बताया जा रहा है कि परिषद में भारत के इस बयान को पाकिस्तान के आरोपों का सीधा और विस्तृत जवाब माना जा रहा है। भारत ने दोहराया कि वह आतंकवाद और गलत सूचना के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सहयोग जारी रखेगा।
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