Last Updated Feb - 21 - 2026, 01:28 PM | Source : Fela News
लखनऊ के दुबग्गा इलाके में मंदिर के पुजारी की हत्या कर शव 20 फीट गहरे गड्ढे में फेंक दिया गया। गांजा बेचने का विरोध इस वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दुबग्गा थाना क्षेत्र स्थित आश्रयहीन कॉलोनी में शीतला माता मंदिर के 60 वर्षीय पुजारी कल्लू प्रजापति उर्फ कल्लू बाबा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि मंदिर के पास हो रहे अवैध गांजा कारोबार का विरोध करना उनकी जान पर भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार, कल्लू बाबा पिछले करीब 40 वर्षों से शीतला माता मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और मंदिर की देखरेख कर रहे थे। वे न सिर्फ धार्मिक कार्यों में सक्रिय थे, बल्कि इलाके में हो रही अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी आवाज उठाते थे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंदिर के पास लंबे समय से गांजा बेचे जाने की शिकायतें थीं। कल्लू बाबा ने कई बार इसका विरोध किया था, जिससे आरोपियों के साथ उनकी रंजिश बढ़ गई थी।
घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब शुक्रवार सुबह कुछ राहगीरों ने मंदिर के पीछे बने लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे में एक शव देखा। सूचना मिलते ही दुबग्गा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। पहचान होने पर पता चला कि यह शव मंदिर के पुजारी कल्लू बाबा का है। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे साफ संकेत मिलता है कि उनकी पीट-पीटकर हत्या की गई थी।
पुलिस को यह भी आशंका है कि आरोपियों ने उन्हें नाले में डुबोकर मारने की कोशिश की और फिर शव को छिपाने के लिए गड्ढे में फेंक दिया।
मृतक के परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में राहुल रावत, अंकित तिवारी और राहुल कनौजिया पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि इन लोगों ने पहले पुजारी को बुरी तरह पीटा, फिर उनकी हत्या कर शव को छिपाने की कोशिश की। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
दुबग्गा थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी, लेकिन प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मंदिर के आसपास लंबे समय से नशे का अवैध कारोबार चल रहा था, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और इलाके में अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कल्लू बाबा की हत्या ने न सिर्फ एक धार्मिक व्यक्ति की जिंदगी छीन ली, बल्कि यह भी दिखा दिया कि अवैध नशे के कारोबार का विरोध करना कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और इलाके में कानून व्यवस्था बहाल हो सके।
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