Last Updated Jan - 23 - 2026, 05:29 PM | Source : Fela News
केरल विधानसभा चुनाव से पहले ट्वंटी20 का NDA में आना सियासी समीकरण बदल सकता है. पीएम मोदी के दौरे से पहले हुए गठबंधन का असर कई सीटों पर दिखेगा.
केरल की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। कॉर्पोरेट समर्थित ट्वंटी20 (T20) पार्टी के BJP के नेतृत्व वाले NDA में शामिल होने से राज्य के राजनीतिक समीकरणों में हलचल तेज हो गई है। यह फैसला ऐसे वक्त पर आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल दौरे पर हैं और BJP राज्य में अपने विस्तार की रणनीति को तेज कर रही है।
किटेक्स ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर साबू जैकब और पूर्व विधायक ए. वी. थमरक्षण के नेतृत्व वाली ट्वंटी20 पार्टी ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से NDA में शामिल होने का ऐलान किया | BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने पार्टी नेताओं का स्वागत करते हुए इसे केरल की राजनीति में “विकास समर्थक गठबंधन" बताया। यह गठबंधन पीएम मोदी के तिरुवनंतपुरम पहुंचने से ठीक पहले हुआ, जिससे इसके राजनीतिक संकेत और भी मजबूत माने जा रहे हैं।
ट्वंटी20 पार्टी खुद को लंबे समय तक UDF और LDF के विकल्प के तौर पर पेश करती रही है। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भले ही कोई सीट नहीं जीती हो, लेकिन एर्नाकुलम जिले में करीब 15 फीसदी वोट शेयर हासिल कर सभी दलों का ध्यान खींचा था। खासकर कुन्नाथुनाड जैसी सीटों पर पार्टी का प्रभाव साफ नजर आया, जहां उसे करीब 45 हजार वोट मिले थे। ऐसे में BJP के सीमित वोट शेयर के साथ T20 के जुड़ने से NDA को सीधा फायदा मिलने की संभावना है।
स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वंटी20 का प्रदर्शन इसका सबसे मजबूत पक्ष रहा है। किझाकंबलम, आइक्करणडु और मझुवन्नूर जैसे इलाकों में पार्टी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और पारंपरिक दलों को कड़ी चुनौती दी। 2025 के स्थानीय चुनावों में भी पार्टी ने किझाकंबलम पंचायत में 21 में से 14 सीटें जीतकर अपनी पकड़ साबित की। यही कारण है कि NDA के लिए T20 का साथ रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन खासतौर पर एर्नाकुलम जिले की कम से कम चार विधानसभा सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय से सीधा बना सकता है। UDF और LDF दोनों के लिए यह नई चुनौती है, क्योंकि अब NDA को स्थानीय स्तर पर मजबूत वोट ट्रांसफर मिल सकता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी T20 के वोट शेयर ने संकेत दिए थे कि पार्टी की मौजूदगी चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है।
T20 के NDA में आने पर साबू जैकब ने कहा कि केरल में बदलाव के लिए मजबूत राष्ट्रीय गठबंधन जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि UDF और LDF की नीतियों के कारण राज्य में निवेश का माहौल खराब हुआ, जिससे किटेक्स ग्रुप को अपने निवेश तेलंगाना शिफ्ट करने पड़े। उनके मुताबिक NDA के साथ जुड़ना राज्य के विकास के लिए सोच- -समझकर लिया गया फैसला है।
कुल मिलाकर, T20 और BJP का यह गठबंधन केरल चुनाव से पहले NDA के लिए एक अहम राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह नया समीकरण जमीनी स्तर पर कितनी मजबूती से वोटों में बदल पाता है और क्या यह केरल की पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति को चुनौती दे पाएगा।
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