Last Updated Jan - 31 - 2026, 06:08 PM | Source : Fela News
एनआईए की जांच में सामने आया कि दिल्ली ब्लास्ट के पीछे सक्रिय मॉड्यूल एक वैश्विक कॉफी चेन को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
दिल्ली में हुए हालिया ब्लास्ट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एक अहम जानकारी हाथ लगी है। सूत्रों के अनुसार, जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस हमले से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का इरादा एक अंतरराष्ट्रीय कॉफी आउटलेट को निशाना बनाने का था, जिसके शीर्ष प्रबंधन से जुड़ी पृष्ठभूमि को लेकर आतंकी सोच काम कर रही थी। मामले से परिचित अधिकारियों का कहना है कि यह खुलासा जांच के दौरान बरामद डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आया।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को आरोपियों के मोबाइल डेटा, ऑनलाइन चैट और कुछ दस्तावेजों से यह जानकारी मिली कि मॉड्यूल ने दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में मौजूद एक ग्लोबल कॉफी चेन की रेकी की थी। सूत्रों का कहना है कि इस चेन के सीईओ के यहूदी मूल से जुड़े होने की जानकारी का इस्तेमाल कर इसे वैचारिक रूप से प्रतीकात्मक लक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा था। हालांकि, एजेंसियों ने इस संबंध में किसी कंपनी या व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
एनआईए अधिकारियों के अनुसार, आतंकी मॉड्यूल का मकसद केवल भौतिक नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेश देने और दहशत फैलाने की रणनीति भी शामिल थी। जांच में यह भी सामने आया है कि मॉड्यूल ने संभावित हमले के समय, भीड़ की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करने की कोशिश की थी। इस बीच, सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस साजिश में किसी विदेशी नेटवर्क या फंडिंग का भी रोल था।
प्रशासन का कहना है कि दिल्ली ब्लास्ट की घटना के बाद राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों में संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संबंधित कॉफी आउटलेट्स और सार्वजनिक जगहों पर स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर सुरक्षा समीक्षा कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर, जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या यह मॉड्यूल पहले किसी अन्य शहर में इसी तरह की योजना बना चुका था।
सवाल उठाए जा रहे हैं कि आतंकी संगठनों द्वारा प्रतीकात्मक और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स को निशाना बनाने की रणनीति किस हद तक फैल रही है। फिलहाल, एनआईए का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
यह भी पढ़े