Last Updated Aug - 21 - 2025, 12:00 PM | Source : Fela News
भारत में अब राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अलग-अलग होंगे। जानिए इतिहास में कब-कब स्वतंत्र रूप से उपराष्ट्रपति के चुनाव कराए गए और इस बदलाव का क्या महत्व है।
देश की राजनीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव लगभग एक ही समय पर होते आए हैं, लेकिन आगे यह सिलसिला बदलने वाला है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि उपराष्ट्रपति का चुनाव भविष्य में राष्ट्रपति चुनाव से अलग समय पर कराया जाएगा।
ऐसा पहली बार नहीं है जब उपराष्ट्रपति का चुनाव तय समय से पहले हुआ हो। इतिहास में कई मौके ऐसे आए जब विशेष परिस्थितियों में समय से पहले नया उपराष्ट्रपति चुना गया। उदाहरण के तौर पर, 1969 में राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन के निधन के बाद उपराष्ट्रपति वी.वी. गिरी ने पद छोड़ दिया था और उस समय उपराष्ट्रपति का चुनाव समय से पहले कराया गया। इसी तरह 2002 और 2007 में भी परिस्थितियों के चलते उपराष्ट्रपति चुनाव पहले कराए गए थे।
जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से चुनाव प्रक्रिया ज्यादा सुगम हो सकती है और राजनीतिक अनिश्चितता भी कम होगी। आने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में यह नया बदलाव साफ तौर पर देखने को मिलेगा।