Header Image

ऑनलाइन गेम की लत ने उजाड़ा परिवार, जहर से दो की मौत

ऑनलाइन गेम की लत ने उजाड़ा परिवार, जहर से दो की मौत

Last Updated Feb - 26 - 2026, 12:08 PM | Source : Fela News

शहडोल में Aviator गेम में लाखौं हारने के बाद कर्ज से टूटे पिता ने पत्नी और बेटी को जहर पिलाया। घटना में पिता-बेटी की मौत, मां ICU में जिंदगी की जंग लड़ रही।
ऑनलाइन गेम की लत ने उजाड़ा परिवार
ऑनलाइन गेम की लत ने उजाड़ा परिवार

मध्य प्रदेश के शहडोल से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने ऑनलाइन गेमिंग की लत के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है। Aviator नाम के ऑनलाइन गेम में लाखों रुपये हारने के बाद कर्ज के बोझ तले दबे एक व्यक्ति ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पीने से पिता और बेटी की मौत हो गई, जबकि मां अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।

घटना शहडोल के पुरानी बस्ती इलाके की बताई जा रही है। मृतक की पहचान शंकर लाल गुप्ता के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, शंकर लाल पिछले कुछ समय से ऑनलाइन Aviator गेम खेल रहा था। शुरुआत में उसने छोटी रकम लगाई, लेकिन धीरे-धीरे यह शौक लत में बदल गया। गेम में पैसा लगाकर बड़ी रकम जीतने का सपना उसे लगातार दांव लगाने के लिए प्रेरित करता रहा। वह मान बैठा था कि एक बड़ी जीत उसके परिवार की किस्मत बदल देगी।

लेकिन किस्मत बदलने का यह सपना कर्ज के दलदल में बदल गया। बताया जा रहा है कि शंकर लाल करीब चार लाख रुपये हार चुका था। बाजार से उधार भी बढ़ता जा रहा था। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव ने उसे अंदर से तोड़ दिया। परिवार के लोग भी लगातार दबाव और परेशानी में जी रहे थे।

बताया गया है कि घटना वाले दिन शंकर लाल ने पत्नी और 16 वर्षीय बेटी को जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पिला दी और खुद भी पी ली। लीनों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो गई। परिवार अंतिम संस्कार कर घर लौटा ही था कि कुछ देर बाद शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया। पत्नी राजकुमारी गुप्ता की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और वे ICU में अर्ती हैं।

घटना के समय परिवार का 15 वर्षीय बेटा घर पर मौजूद नहीं था, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन अब उसके सिर से पिता और बहन का साया उठ चुका है और मां जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। एक ही दिन में उसका संसार बिखर गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, शंकर लाल पहले मोबाइल शॉप में काम करता था और बाद में अनूपपुर जिले में अपनी मोबाइल दुकान चलाता था। लेकिन गेमिंग की लत और कर्ज के कारण उसकी दुकान भी बिक गई। इसके बाद वह सड़क किनारे मोबाइल एक्सेसरीज बेचकर परिवार चलाने की कोशिश कर रहा था।

आर्थिक तंगी के बावजूद वह ऑनलाइन गेम से दूर नहीं हो सका।

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है। ऑनलाइन स‌ट्टेबाजी और गेमिंग ऐप्स आज कई लोगों को आसान कमाई का लालच देते हैं। शुरुआत में छोटी रकम से शुरू हुआ खेल धीरे-धीरे भारी नुकसान और कर्ज में बदल जाता है। मानसिक तनाव, सामाजिक दबाव और आर्थिक संकट मिलकर व्यक्ति को ऐसे अंधेरे रास्ते पर धकेल देते हैं, जहां से लौटना मुश्किल हो जाता है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। लेकिन इस हादसे ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या ऑनलाइन गेमिंग के बढ़‌ते चलन पर सख्त निगरानी और जागरुकता की जरूरत नहीं है?

शहडोल की यह घटना याद दिलाती है कि लालच और लत का अंत अक्सर विनाशकारी होता है। एक गलत फैसले ने दो जिंदगियां छीन ली और एक मासूम बच्चे को जिंदगी भर का दर्द दे दिया।

यह भी पढ़े 

गुरुग्राम में AI ड्रोन्स और रोबोट डिलीवरी नेटवर्क का अध्य लॉन्च

Share :

Trending this week

साइकिल सवार पर भड़का सांड

Feb - 26 - 2026

आवारा पशुओं से जुड़ी घटनाएं अक्सर सुर्खियों में रहती है... Read More

अजित पवार के बाद NCP में नया चेहरा

Feb - 26 - 2026

महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा ... Read More

ऑनलाइन गेम की लत ने उजाड़ा परिवार

Feb - 26 - 2026

मध्य प्रदेश के शहडोल से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वा... Read More