Last Updated Mar - 24 - 2026, 11:25 AM | Source : Fela News
Iran US War:ईरान-अमेरिका तनाव के बीच नरेंद्र मोदी ने संसद में साफ कहा कि जंग से कोई समाधान नहीं निकलता। उन्होंने कूटनीति और बातचीत का रास्ता अपनाने पर जोर दिया और होर्मुज स्ट्रेट पर भी चिंता जताई।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के 24 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अहम बयान दिया। करीब 24 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक हालात, भारत की तैयारियों और कूटनीतिक रुख पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि मौजूदा संकट में सरकार पूरी तरह सतर्क है और देश को किसी भी आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और शांति के लिए कूटनीति ही सबसे बेहतर रास्ता है।
वैश्विक संकट पर भारत का रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष चिंताजनक है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तेल, गैस और अन्य जरूरी संसाधनों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई देशों से संपर्क में है। सरकार की कोशिश है कि देश में किसी तरह की कमी न हो और आम लोगों पर इसका असर कम से कम पड़े।
अमेरिका के लिए क्या संदेश?
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अमेरिका के लिए दो प्रमुख संदेश दिए। पहला, तेल आपूर्ति को लेकर भारत विभिन्न देशों से बातचीत कर रहा है ताकि जरूरत के अनुसार सप्लाई मिलती रहे। उन्होंने संकेत दिया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए संतुलित नीति अपनाएगा।
दूसरा संदेश युद्ध को लेकर था। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और सभी देशों को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि तनाव खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास ही सबसे प्रभावी तरीका है।
ईरान को संकेत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में सीधे तौर पर ईरान का नाम नहीं लिया, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट स्वीकार नहीं की जा सकती।
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई होती है, इसलिए इसका बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। प्रधानमंत्री ने समुद्र में मालवाहक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता जताई और सुरक्षित व्यापार मार्गों की जरूरत पर जोर दिया।
खाड़ी देशों के लिए भारत का संदेश
प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंधों को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के कई देशों के नेताओं से उनकी लगातार बातचीत हो रही है। भारत ने इन देशों को भरोसा दिलाया है कि वह इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति का स्रोत नहीं है, बल्कि व्यापार और रोजगार के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
शांति ही समाधान
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ संदेश दिया कि युद्ध से किसी का भला नहीं होता। उन्होंने अमेरिका से लेकर ईरान तक सभी देशों से अपील की कि वे शांति और बातचीत का रास्ता अपनाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति, स्थिरता और संवाद का समर्थन करता है और आगे भी यही रुख बनाए रखेगा।
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