Last Updated Jan - 23 - 2026, 10:47 AM | Source : Fela News
Republic day 2026: गणतंत्र दिवस पर किसी विदेशी नेता का मुख्य अतिथि बनना बहुत बड़ा सम्मान माना जाता है. आइए जानते हैं कि भारत में यह परंपरा कब शुरू हुई और पहला व
Republic day 2026: हर साल 26 जनवरी की परेड में एक खास विदेशी मेहमान देश और दुनिया का ध्यान खींचता है. सवाल यह होता है कि भारत किसी विदेशी नेता को मुख्य अतिथि क्यों बनाता है और इसका क्या महत्व होता है. गणतंत्र दिवस का चीफ गेस्ट केवल औपचारिक मेहमान नहीं होता, बल्कि यह भारत की विदेश नीति और भविष्य के रिश्तों का संकेत भी देता है.
गणतंत्र दिवस और चीफ गेस्ट की परंपरा
भारत में 26 जनवरी 1950 से गणतंत्र दिवस मनाया जाने लगा. उसी समय से यह परंपरा शुरू हुई कि इस खास मौके पर किसी विदेशी नेता को मुख्य अतिथि बनाया जाए. इसका मकसद था दुनिया को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का संदेश देना.
पहले विदेशी मुख्य अतिथि कौन थे?
भारत के पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था. उस समय परेड दिल्ली के इर्विन स्टेडियम (अब दादा ध्यानचंद स्टेडियम) में हुई थी. यह न्योता नए आजाद देशों के बीच दोस्ती का प्रतीक माना गया.
किन सालों में नहीं आया कोई चीफ गेस्ट?
1952 और 1953 में गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी मुख्य अतिथि नहीं था. इसके बाद 1955 से परेड राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर होने लगी और उसी साल पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर-जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद मुख्य अतिथि बने.
चीफ गेस्ट का चयन कैसे होता है?
चीफ गेस्ट का चयन सोच-समझकर किया जाता है. इसकी तैयारी आमतौर पर छह महीने पहले शुरू होती है और विदेश मंत्रालय इस प्रक्रिया को संभालता है. इसमें देखा जाता है कि उस देश के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक रिश्ते कैसे हैं.
रिश्तों और रणनीति का संकेत
पूर्व राजनयिकों के अनुसार, चीफ गेस्ट का चयन सिर्फ सम्मान देने के लिए नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश देने के लिए भी होता है. इससे यह दिखाया जाता है कि भारत किन देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करना चाहता है.
77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय यूनियन
77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय यूनियन के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि होंगे. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी 2026 तक भारत यात्रा पर रहेंगे और गणतंत्र दिवस समारोह के साथ भारत-EU शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे.
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