Last Updated Feb - 20 - 2026, 12:09 PM | Source : Fela News
मेघालय के शिलांग सांसद रिकी एजे सिंग्कोन का फुटबॉल खेलते समय अचानक निधन हो गया। मैदान पर गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
मेघालय की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शिलांग से लोकसभा सांसद और वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी (VPP) के प्रमुख नेता रिकी एजे सिंग्कोन का गुरुवार शाम फुटबॉल खेलते समय अचानक निधन हो गया।
यह घटना उस समय हुई जब वह अपने दोस्तों के साथ नियमित रूप से खेल रहे थे। उनके अचानक गिरने से मैदान पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके।
जानकारी के अनुसार, रिकी एजे सिंग्कोन गुरुवार शाम मावलाई मावियोंग इलाके के एक स्थानीय मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे। खेल के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे मैदान पर गिर पड़े। उनके साथ मौजूद लोगों ने बिना देर किए उन्हें पास के मावियोंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया।
हालांकि, उस समय अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण उन्हें तुरंत उच्च केंद्र में रेफर कर दिया गया।
इसके बाद उन्हें शिलांग के प्रसिद्ध डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन चिकित्सा प्रयास असफल रहे और रात करीब 8:42 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके निधन की खबर फैलते ही राज्यभर में शोक की लहर दौड़ गई
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रिकी सिंग्कोन एक समर्पित और संवेदनशील नेता थे, जो हमेशा लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहते थे। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने एक ईमानदार और दूरदर्शी जनप्रतिनिधि को खो दिया है।
रिकी एजे सिंग्कोन ने 2024 के लोकसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर पहली बार संसद में प्रवेश किया था। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तीन बार के सांसद विंसेंट एच. पाला को भारी मतों से हराकर राजनीतिक क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। उनकी जीत को मेघालय की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना गया था।
सिंग्कोन अपने सरल स्वभाव, जमीनी जुड़ाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्ष के लिए जाने जाते थे। उन्होंने पारदर्शिता, सुशासन और जनता की समस्याओं को संसद में उठाने का काम किया। उनके अचानक निधन से न केवल उनकी पार्टी बल्कि पूरे राज्य की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
उनके निधन की खबर मिलते ही उपमुख्यमंत्री, कई मंत्री, विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच गहरा दुख और शोक का माहौल है।
रिकी एजे सिंग्कोन का इस तरह अचानक जाना मेघालय के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनका राजनीतिक सफर भले ही छोटा रहा, लेकिन उन्होंने अपने कार्यों और समर्पण से लोगों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी।
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