Last Updated May - 19 - 2026, 03:19 PM | Source : Fela news
आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त दिखा. कोर्ट ने पुराने आदेश बरकरार रखते हुए राज्यों से जवाब मांगा और कहा कि 17 नवंबर को सभी राज्यों की कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा होगी.
आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए राज्यों को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने साफ कहा कि उसके पुराने आदेशों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया और इसे वह अदालत की अवमानना की तरह देखता है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रूप से बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर भी विचार करने की बात कही.
कोर्ट ने कहा कि अगर राज्यों ने Animal Birth Control (ABC) Rules का सही पालन किया होता, तो आज ऐसी भयावह स्थिति पैदा नहीं होती. सुप्रीम कोर्ट ने इसे सिर्फ पशु कल्याण का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन का गंभीर मामला बताया.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि देशभर में बच्चे, बुजुर्ग और आम लोग लगातार डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं. अदालत ने कहा, “हम इस स्थिति से आंखें नहीं मूंद सकते.” कोर्ट ने Animal Welfare Board के SOP के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं भी खारिज कर दीं.
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले की नियमित सुनवाई रोक दी है, लेकिन साफ कर दिया कि 17 नवंबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी. कोर्ट ने अपने पुराने आदेश बरकरार रखते हुए सार्वजनिक परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश दोहराया.
कोर्ट ने राज्यों को कई अहम निर्देश भी दिए. इसमें हर शहर में ABC सेंटर स्थापित करना, कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग देना, एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराना और हाईवे से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए NHAI को कार्रवाई करने जैसे आदेश शामिल हैं. अदालत ने गौशालाएं बनाने और आवारा मवेशियों को वहां भेजने की बात भी कही.
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जो अधिकारी अदालत के आदेशों का पालन कर रहे हैं, उन्हें बिना वजह परेशान न किया जाए और उनके खिलाफ अदालतें केवल अपरिहार्य स्थिति में ही सुनवाई करें.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने देशभर से सामने आए डॉग बाइट मामलों का जिक्र करते हुए गंभीर चिंता जताई. अदालत ने कहा कि राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा समेत कई शहरों से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी हालात चिंताजनक हैं.
कोर्ट ने दिल्ली के IGI एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए बताया कि जनवरी से अब तक वहां 31 डॉग बाइट की घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देशभर में रेबीज से हो रही मौतें बेहद गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं.
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