Last Updated Feb - 12 - 2026, 04:53 PM | Source : Fela News
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के शीर्षक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने निर्माताओं को नोटिस जारी कर आपत्ति जताई, नाम बदलने और सामग्री स्पष्ट करने को कहा।
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां शीर्ष अदालत ने फिल्म के निर्माताओं को कड़ी फटकार लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी भी वर्ग या समुदाय को अपमानित करना गलत है और समाज में पहले से मौजूद दरारों को और बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने फिल्म के शीर्षक और उसकी विषयवस्तु पर गंभीर आपत्ति जताई। सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट ने निर्माताओं से पूछा कि वे फिल्म का नया नाम क्या रखने जा रहे हैं और क्या फिल्म में किसी वर्ग के प्रति आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है। अदालत ने इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए निर्माताओं से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने संकेत दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके नाम पर किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि रचनात्मक स्वतंत्रता पूर्णतः निरंकुश नहीं है और इसे संवैधानिक मूल्यों तथा सामाजिक संवेदनशीलता के दायरे में रहकर ही प्रयोग किया जाना चाहिए।
इस बीच, अदालत ने निर्माताओं को निर्देश दिया कि वे यह भी स्पष्ट करें कि फिल्म में किसी समुदाय के प्रति आपत्तिजनक चित्रण तो नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यदि शीर्षक या सामग्री आपत्तिजनक पाई जाती है, तो न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है।
वहीं दूसरी ओर, सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि समाज में पहले से मौजूद तनाव को देखते हुए ऐसे शीर्षक सामाजिक अशांति को बढ़ा सकते हैं। अदालत ने निर्माताओं को संयम बरतने की सलाह दी और कहा कि किसी भी वर्ग को नीचा दिखाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को निर्धारित की गई है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि निर्माता फिल्म के नाम और सामग्री को लेकर अदालत के समक्ष क्या रुख प्रस्तुत करते हैं।
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