Last Updated Sep - 23 - 2025, 06:12 PM | Source : Fela News
लोग अक्सर पैरों में जलन को थकान या ज्यादा चलने से जोड़ते हैं, लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकती है और शरीर की पोषण स्थिति पर असर ड
कई लोग पैरों में जलन की समस्या को हल्के में ले लेते हैं और इसे थकान या ज्यादा चलने से जोड़ देते हैं। लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है और नसों, खून के प्रवाह या शरीर की पोषण स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
पैरों में जलन के मुख्य कारण
नसों में नुकसान
खासकर डायबिटीज मरीजों में लगातार हाई शुगर लेवल पैरों की नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। इससे झनझनाहट, सुन्नपन और जलन होती है। समय रहते इलाज न करने पर नसों को स्थायी नुकसान भी हो सकता है।
विटामिन की कमी
विटामिन बी12 की कमी नसों की कार्य क्षमता को प्रभावित करती है और पैरों में दर्द, झनझनाहट व जलन पैदा कर सकती है। विटामिन डी, बी5 और ई भी मांसपेशियों और नसों के लिए जरूरी हैं। अंडा, दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स और फोर्टिफाइड अनाज इन कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।
फंगल इन्फेक्शन
लंबे समय तक गीले मोजे या नमी वाले जूते पहनने से फंगस बनती है, जिससे खुजली और जलन होती है। पैरों को साफ और सूखा रखना, मोजे बदलना और एंटी फंगल क्रीम या पाउडर इस्तेमाल करना मदद करता है।
ज्यादा चलना या थकान
ज्यादा चलने या लंबे समय तक खड़े रहने से ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है, जिससे जलन और थकान होती है। पैर ऊंचा रखना, हल्की मसाज करना, आरामदायक जूते पहनना और हल्की स्ट्रेचिंग करना राहत देता है।
थायराइड या किडनी की समस्या
थायराइड और किडनी ठीक से काम न करने पर शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं, जो नसों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और पैरों में जलन पैदा कर सकते हैं।
राहत पाने के उपाय