Last Updated Feb - 12 - 2026, 10:40 AM | Source : Fela News
सर्दियों में रात के समय दही खाने को लेकर लंबे समय से बहस चलती आ रही है। आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस क्या कहते हैं, जानिए एक्सपर्ट की राय ।
सर्दियों का मौसम आते ही खानपान से जुड़ी कई पारंपरिक सलाहें सुनने को मिलती हैं। इनमें सबसे आम सवाल यही होता है कि क्या ठंड के मौसम में रात को दही खाना चाहिए या नहीं। घरों में अक्सर कहा जाता है कि सर्दियों में रात के समय दही खाने से सर्दी-जुकाम, खांसी या कफ बढ़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ आधुनिक पोषण विज्ञान दही को एक सुपरफूड मानता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व देता है। ऐसे में भ्रम होना स्वाभाविक है कि आखिर सच क्या है।
दही एक फर्मेंटेड फूड है, जिसमें प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया आंतों की सेहत सुधारने में मदद करते हैं। दही में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस, विटामिन बी12, विटामिन बी2 और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित रूप से दही खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं, पाचन बेहतर होता है और इम्यून सिस्टम को भी फायदा मिलता है। यही कारण है कि कई लोग इसे रोजाना अपनी डाइट में शामिल करते हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या सर्दियों में रात को दही खाना नुकसानदायक हो सकता है? आयुर्वेद के अनुसार दही की तासीर उष्ण यानी गर्म मानी जाती है, लेकिन यह कफ बढ़ाने वाला भी होता है। ठंड के मौसम में वातावरण पहले से ही ठंडा और नम रहता है, जिससे शरीर में कफ की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। यदि किसी व्यक्ति को साइनस, एलर्जी, गले में खराश या बार-बार जुकाम की समस्या रहती है, तो रात के समय दही खाने से उसकी परेशानी बढ़ सकती है। खासकर अगर दही फ्रिज से निकालकर सीधे खाई जाए, तो यह गले और छाती पर असर डाल सकती है।
हालांकि आधुनिक न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। अगर दही ताजी हो, ज्यादा खट्टी न हो और कमरे के तापमान पर हो, तो सीमित मात्रा में इसे रात में भी खाया जा सकता है। समस्या तब होती है जब लोग भारी, तले-भुने या मसालेदार खाने के साथ दही का सेवन करते हैं। इससे पाचन पर दबाव पड़ सकता है और गैस या भारीपन की शिकायत हो सकती है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि अगर सर्दियों में रात को दही खाना ही हो, तो उसमें थोड़ा सा भुना जीरा, काली मिर्च या हल्दी मिलाकर खाया जा सकता है। इससे दही की कफ बढ़ाने वाली प्रवृत्ति कम हो सकती है। जिन लोगों की इम्युनिटी अच्छी है और जिन्हें सर्दी-जुकाम की समस्या नहीं होती, वे संतुलित मात्रा में दही का सेवन कर सकते हैं।
बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को सर्दियों में रात के समय दही खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। यदि दही खाने के बाद गले में खराश, बलगम या ठंड बढ़ने जैसी समस्या महसूस हो, तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए।
अंततः यह कहा जा सकता है कि सर्दियों में रात को दही खाना पूरी तरह गलत भी नहीं है और पूरी तरह सही भी नहीं । यह व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति, स्वास्थ्य स्थिति और खाने के तरीके पर निर्भर करता है। सही तरीका, सही मात्रा और सही समय का ध्यान रखा जाए, तो दही सर्दियों में भी फायदेमंद साबित हो सकती है। संतुलन और समझदारी ही स्वस्थ जीवन की असली कुंजी है।
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