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बेर है सेहत का खजाना, पाचन से स्किन तक फायदे

बेर है सेहत का खजाना, पाचन से स्किन तक फायदे

Last Updated Feb - 12 - 2026, 12:26 PM | Source : Fela News

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को चढ़ाया जाने वाला बेर सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि पाचन, इम्युनिटी, स्किन और एनर्जी के लिए बेहद फायदेमंद फल माना जाता है।
बेर है सेहत का खजाना
बेर है सेहत का खजाना

महाशिवरात्रि का पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा, उपवास और शिव भक्ति से जुड़ा होता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव को बेलपत्र, दूध, धतूरा और बेर अर्पित करते हैं। बेर को विशेष रूप से शिव का प्रिय फल माना जाता है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व काफी अधिक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटा-सा फल केवल पूजा का हिस्सा नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है? आयुर्वेद में बेर को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है, जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, बेर में विटामिन C, फाइबर, पोटेशियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी तत्व शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को संतुलित रखने में मदद करते हैं। खासतौर पर महाशिवरात्रि जैसे व्रत के दौरान, जब लोग लंबे समय तक उपवास रखते हैं, तब बेर ऊर्जा बनाए रखने में सहायक हो सकता है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। 

बेर में भरपूर फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में बेर खाने से आंतों की सफाई बेहतर होती है और पेट हल्का महसूस होता है। उपवास के दौरान अक्सर पाचन धीमा पड़ जाता है, ऐसे में बेर का सेवन संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है। 

इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर 

विटामिन C से भरपूर बेर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है । मौसमी बदलाव के दौरान सर्दी-जुकाम और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में बेर प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता है। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से सुरक्षित रखते हैं। 

खून की कमी में लाभकारी 

आयरन और अन्य खनिज तत्वों की मौजूदगी के कारण बेर हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ाने में मदद करता है। एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए यह फायदेमंद फल साबित हो सकता है। हालांकि, गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह आवश्यक है। 

त्वचा को देता है प्राकृतिक निखार 

बेर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। यह त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक हो सकता है। नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक चमक और ताजगी बनी रहती है। आयुर्वेद में इसे त्वचा के लिए शीतल और पोषक फल माना गया है। 

तुरंत ऊर्जा देने वाला फल 

बेर में प्राकृतिक शर्करा पाई जाती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। व्रत या थकान के दौरान इसे खाने से कमजोरी और सुस्ती कम हो सकती है। यही कारण है कि इसे उपवास के दौरान भी उपयोगी फल माना जाता है। हालांकि, हर चीज की तरह बेर का सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। जिन लोगों को किडनी या शुगर से जुड़ी गंभीर समस्या है, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए। 

महाशिवरात्रि पर बेर चढ़ाने की परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी सार्थक है। यह हमें याद दिलाती है कि प्रकृति में मौजूद साधारण फल भी हमारे शरीर के लिए अमूल्य खजाना हो सकते हैं। 

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