Last Updated Aug - 20 - 2025, 11:11 AM | Source : Fela News
रिपोर्ट के अनुसार, गरीब और कम आय वाले परिवार अपनी मासिक कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ पीने के पानी पर खर्च करने को मजबूर हैं।
रिपोर्ट में क्या सामने आया
दिल्ली के गरीब परिवार अपनी मासिक आय का करीब 15% हिस्सा पानी खरीदने में खर्च कर रहे हैं।
सर्वे में 12 बस्तियों के 500 से ज्यादा घर शामिल थे, जिनमें सावदा घेवरा, शकूरबस्ती, खजान बस्ती, चूना भट्टी, सीमापुरी, सुंदर नगरी और कुसुमपुर पहाड़ी जैसे इलाके शामिल हैं।
34% लोग निजी सप्लायरों पर, 29% लोग दिल्ली जल बोर्ड के टैंकरों पर और 21% वॉटर एटीएम पर निर्भर हैं।
लेकिन कई वॉटर एटीएम ठीक से काम ही नहीं करते, जिससे पानी की समस्या और बढ़ जाती है।
कितना खर्च होता है
जिन परिवारों की मासिक आय 6,000–10,000 रुपये है, वे हर महीने पानी पर 500 से 1,500 रुपये तक खर्च कर रहे हैं।
ये खर्च उनके बजट का लगभग 15% है, जिसकी वजह से उन्हें भोजन, पढ़ाई और इलाज जैसी ज़रूरतों में कटौती करनी पड़ती है।
सरकार की योजना और हकीकत
दिल्ली सरकार ने अप्रैल 2025 में 3,000 वॉटर एटीएम लगाने का ऐलान किया था।
लेकिन जून तक सिर्फ 20 एटीएम ही काम कर रहे हैं।
जिन इलाकों में सर्वे किया गया, वहां ज़्यादातर जगहों पर एक भी वॉटर एटीएम नहीं मिला।
बढ़ती चिंता
गर्मियों (मार्च से जुलाई) में स्थिति और खराब हो जाती है।
80% लोगों ने कहा कि इस दौरान पानी की कमी बार-बार होती है और कई बार घंटों लाइन लगानी पड़ती है।
नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक 60 करोड़ भारतीय पानी की भारी कमी से जूझ सकते हैं।