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रेगिस्तान में रॉयल शादी ट्रेंड क्यों बन रहा स्टेटस सिंबल राजस्थान

रेगिस्तान में रॉयल शादी ट्रेंड क्यों बन रहा स्टेटस सिंबल राजस्थान

Last Updated Feb - 25 - 2026, 03:17 PM | Source : Fela News

राजस्थान में महंगी शादियों का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार लोकेशन, विरासत और विजुअल आकर्षण ने राज्य को सेलिब्रिटी और अमीरों के लिए रॉयल वेडिंग ब्रांड बना दिया है।
रेगिस्तान में रॉयल शादी ट्रेंड क्यों बन रहा स्टेटस सिंबल राजस्थान
रेगिस्तान में रॉयल शादी ट्रेंड क्यों बन रहा स्टेटस सिंबल राजस्थान

राजस्थान में डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन लगातार मजबूत होता जा रहा है और अब यह सिर्फ पर्यटन राज्य नहीं बल्कि “रॉयल वेडिंग ब्रांड” के रूप में पहचान बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म अभिनेता विजय देवरकोंडा और अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की उदयपुर में होने वाली शादी के कारण एक बार फिर राजस्थान चर्चा में है।

एक समय था जब राजस्थान की पहचान रेत के टीलों, ऊंटों और पारंपरिक जीवनशैली से जुड़ी थी, लेकिन अब राज्य का नाम महंगी और भव्य शादियों के साथ जोड़ा जाने लगा है। बताया जा रहा है कि यहां आयोजित होने वाली शादियों में डिजाइनर परिधान, भव्य लोकेशन और हाई-प्रोफाइल मेहमानों की मौजूदगी इसे स्टेटस सिंबल बना रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में लग्जरी होटल मौजूद हैं, लेकिन राजस्थान की खासियत यह है कि यहां लोकेशन, ऐतिहासिक विरासत और दृश्य आकर्षण एक साथ मिलते हैं। उदाहरण के तौर पर किले या महलों के सामने शादी की तस्वीरें अधिक सिनेमैटिक दिखाई देती हैं। इसी कारण राज्य ने खुद को केवल डेस्टिनेशन नहीं बल्कि “ड्रीम सेट” के रूप में स्थापित कर लिया है।

अब जयपुर, उदयपुर और जोधपुर के अलावा जैसलमेर, रणथंभौर, पुष्कर और बूंदी जैसे शहर भी वेडिंग मैप पर तेजी से उभर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेंड की शुरुआत 2007 में ब्रिटिश अभिनेत्री एलिज़ाबेथ हर्ले और भारतीय उद्योगपति अरुण नायर की जोधपुर स्थित उम्मेद भवन पैलेस में हुई शादी से हुई, जिसकी तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में काफी चर्चा में रहीं।

इसके बाद कई सेलिब्रिटी कपल्स ने राजस्थान को चुना, जिससे यह धारणा मजबूत हुई कि शादी को “रॉयल” दिखाना है तो लोकेशन राजस्थान ही होनी चाहिए।

आंकड़ों के अनुसार राज्य में हर साल लगभग 15 से 20 लाख शादियां होती हैं, जिनमें डेस्टिनेशन वेडिंग का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक बजट के आधार पर शादियों का बड़ा हिस्सा कम और मध्यम बजट का होता है, जबकि 5 से 7 प्रतिशत शादियों का खर्च 50 लाख से 3 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। डेस्टिनेशन वेडिंग में कुल खर्च 2 करोड़ से 20–25 करोड़ रुपये तक हो सकता है।

एक अनुमान के अनुसार बड़े वेडिंग सीजन के दौरान राज्य में 6,600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है, जिसमें होटल, डेकोरेशन, कैटरिंग, परिवहन, पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय शामिल होते हैं।

वहीं लोकप्रियता बढ़ने के कारण पारंपरिक शहरों में वेन्यू की कमी भी महसूस होने लगी है। उदाहरण के तौर पर अकेले रणथंभौर में करीब 40 वेन्यू और 400 से अधिक वेडिंग इवेंट होते हैं, जबकि जैसलमेर में लगभग 25 वेन्यू और 200 से ज्यादा शादियां आयोजित की जाती हैं।

रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान ने खुद को शादियों के लिए लग्जरी ब्रांड के रूप में स्थापित कर लिया है और जब किसी जगह का नाम ही स्टेटस सिंबल बन जाए तो इसे सफल मार्केटिंग माना जाता है।

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