Last Updated Nov - 21 - 2025, 12:21 PM | Source : Fela News
वर्ल्ड हेलो डे का मतलब है दुनिया में शांति और बातचीत को बढ़ावा देना। यह दिन याद दिलाता है कि सिर्फ एक “हेलो” से बात शुरू होती है और यही छोटा कदम बड़ी लड़ाइयों क
“हेलो” एक ऐसा शब्द है जिसे हम रोज़ कई बार बोलते हैं—किसी से बात शुरू करनी हो, फोन करना हो या कॉल रिसीव करनी हो, पहला शब्द अक्सर “हेलो” ही होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह शब्द हमारी रोज़मर्रा की भाषा में कैसे आया और सबसे पहले हेलो किसने कहा था? आज हम इसी बारे में जानते हैं।
वर्ल्ड हेलो डे की शुरुआत कैसे हुई?
वर्ल्ड हेलो डे साल 1973 में शुरू हुआ। उस समय मिस्र और इज़रायल के बीच युद्ध जैसी स्थिति थी और कई लोगों की जान जा चुकी थी। इसी माहौल में शांति और बातचीत का संदेश देने के लिए एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र ब्रायन मैक्कॉर्मैक और हार्वर्ड के ग्रेजुएट माइकल मैक्कॉर्मैक ने पहल की।
उन्होंने दुनिया के नेताओं को 7 भाषाओं में 1360 पत्र भेजकर कहा कि लड़ाई का हल बातचीत से निकल सकता है, हिंसा से नहीं। इसी वजह से “हेलो” शांति की पहली अभिव्यक्ति माना जाने लगा और वर्ल्ड हेलो डे की शुरुआत हुई। आज यह दिन 180 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है और 31 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता भी इसे सपोर्ट करते हैं।
सबसे पहले फोन पर किसने कहा था ‘हेलो’?
फोन पर “हेलो” बोलने की कहानी भी काफी मज़ेदार है। कई लोग दावा करते हैं कि टेलीफोन के आविष्कारक अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने पहला कॉल अपनी प्रेमिका मारग्रेट हेलो को किया था और सबसे पहले “हेलो” कहा था।
लेकिन यह सिर्फ एक कहानी है—ऐतिहासिक रूप से सही नहीं मानी जाती।
असल में “हेलो” शब्द पुराने जर्मन शब्द Hala से आया है, जिसका मतलब होता है—“कैसे हो?” समय के साथ यह शब्द अंग्रेज़ी में एक ग्रीटिंग बन गया और फोन पर इसका इस्तेमाल शुरू हो गया।
यह दिन क्यों मनाया जाता है?
वर्ल्ड हेलो डे का उद्देश्य है—दुनिया में शांति और बातचीत को बढ़ावा देना।
यह दिन याद दिलाता है कि एक छोटा-सा “हेलो” भी बड़ी लड़ाई और तनाव को खत्म कर सकता है।
जब कोई “हेलो” कहता है, तो यह दोस्ती की शुरुआत और दुश्मनी कम करने का संकेत माना जाता है।
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