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पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर कैसे पहुंचे: जानिए यात्रा का आसान तरीका

पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर कैसे पहुंचे: जानिए यात्रा का आसान तरीका

Last Updated Aug - 04 - 2025, 03:06 PM | Source : Fela News

पुरी का जगन्नाथ मंदिर भारत का प्रमुख तीर्थ है। जानिए वहां पहुंचने के आसान रेल, सड़क और हवाई मार्ग, रहने की व्यवस्था और दर्शन से जुड़ी जरूरी जानकारी।
पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर कैसे पहुंचे
पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर कैसे पहुंचे

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को समर्पित पुरी का जगन्नाथ मंदिर देश के चार प्रमुख तीर्थ स्थलों (चारधाम) में से एक है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इसकी भव्य रथ यात्रा पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। अगर आप भी जगन्नाथ पुरी की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है।

जगन्नाथ मंदिर कहां स्थित है?

जगन्नाथ मंदिर ओडिशा राज्य के पुरी शहर में स्थित है, जो भुवनेश्वर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है। यह मंदिर बंगाल की खाड़ी के किनारे बसा हुआ है और धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पुरी कैसे पहुंचें?

पुरी देश के लगभग हर कोने से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां पहुंचने के तीन मुख्य तरीके हैं:

1. रेल मार्ग से

  • पुरी रेलवे स्टेशन मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर दूर है।
  • दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और भुवनेश्वर जैसे शहरों से यहां के लिए नियमित ट्रेनें चलती हैं।
  • स्टेशन से मंदिर तक ऑटो, टैक्सी या रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं।

2. हवाई मार्ग से

  • नजदीकी हवाई अड्डा बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट (भुवनेश्वर) है, जो पुरी से करीब 60 किलोमीटर दूर है।
  • एयरपोर्ट से पुरी के लिए कैब, बस या ट्रेन की सुविधा उपलब्ध है।
  • भुवनेश्वर से पुरी का सफर लगभग 1.5 से 2 घंटे का होता है।

3. सड़क मार्ग से

  • पुरी, भुवनेश्वर से राष्ट्रीय राजमार्ग NH-316 के जरिए जुड़ा है।
  • भुवनेश्वर, कटक और अन्य शहरों से पुरी के लिए सरकारी व निजी बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।
  • निजी वाहन से यात्रा करना भी आसान और सुविधाजनक है।

मंदिर में प्रवेश और दर्शन

  • मंदिर में मोबाइल, कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना मना है।
  • श्रद्धालु मुख्य द्वार (सिंहद्वार) से प्रवेश करते हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन करते हैं।
  • पूजा सामग्री और प्रसाद मंदिर परिसर के बाहर आसानी से मिल जाता है।

रुकने की व्यवस्था

  • पुरी में हर बजट के होटल, लॉज और धर्मशालाएं उपलब्ध हैं।
  • रेलवे स्टेशन और मंदिर के पास सरकारी विश्राम गृह और निजी होटल भी हैं।
  • भीड़भाड़ के मौसम में जैसे रथ यात्रा के समय एडवांस बुकिंग जरूरी है।

दर्शनीय स्थल

पुरी के आस-पास के कुछ प्रमुख स्थल:

  • स्वर्गद्वार समुद्र तट
  • कोणार्क सूर्य मंदिर (करीब 35 किमी)
  • चिल्का झील (करीब 60 किमी)
  • गुंडिचा मंदिर, लोकनाथ मंदिर आदि

मंदिर में प्रवेश नियम

  • केवल हिंदू श्रद्धालुओं को मंदिर के भीतर प्रवेश की अनुमति है।
  • यात्रा का उपयुक्त समय
  • अक्टूबर से मार्च के बीच मौसम सुहावना रहता है।

जून-जुलाई में होने वाली रथ यात्रा के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है।

 

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