Last Updated Dec - 08 - 2025, 04:45 PM | Source : Fela News
रवि शास्त्री ने कहा—हार का पूरा दोष कोच पर डालना उचित नहीं, खिलाड़ी भी जिम्मेदार।
टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, और सबसे ज्यादा निशाने पर हैं नए कोच गौतम गंभीर. लेकिन इसी बीच पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं.
भारत और दक्षिण अफ्रीका के मुकाबलों के बाद सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट पैनलों तक आलोचना तेज हो गई थी. कई लोग टीम की कमियों का पूरा दोष कोच पर डाल रहे थे. लेकिन रवि शास्त्री ने साफ कहा कि हार-जीत केवल कोच पर नहीं लादी जा सकती. उनके अनुसार खिलाड़ी भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं और मैदान में फैसले वही लेते हैं.
शास्त्री का कहना है कि भारतीय टीम में टैलेंट की कोई कमी नहीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव संभालना भी उतना ही जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि कोच रणनीति बना सकता है, माहौल दे सकता है, लेकिन आखिरी गेंद फेंकने और अंतिम शॉट खेलने का फैसला खिलाड़ी ही करते हैं. ऐसे में केवल कोच को दोषी ठहराना सही नजरिया नहीं है.
गौतम गंभीर के लिए यह वक्त आसान नहीं है. नई जिम्मेदारी, नई टीम और नए संयोजन को तैयार करना समय लेता है. इसके बावजूद शास्त्री का यह समर्थन टीम मैनेजमेंट के भीतर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है. वह पहले भी कई बार कह चुके हैं कि किसी भी कोच को टीम को समझने और सिस्टेम को मजबूत करने के लिए वक्त मिलना चाहिए.
टीम इंडिया के फैंस फिलहाल नाराज हैं, क्योंकि उम्मीदें हमेशा ऊंची रहती हैं. लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगली सीरीज इस पूरी बहस का टोन बदल सकती है. अगर खिलाड़ी प्रदर्शन में सुधार दिखाते हैं, तो गंभीर पर जो दबाव बना है, वह काफी हद तक कम हो जाएगा.
फिलहाल इतना साफ है कि टीम की हर नाकामी का बोझ सिर्फ कोच पर डालने की परंपरा को शास्त्री ने फिर से चुनौती दी है. उन्होंने याद दिलाया कि जीत भी सामूहिक होती है और हार भी—इसे स्वीकार करना ही किसी टीम की असली मजबूती होती है.