Last Updated Feb - 24 - 2026, 04:21 PM | Source : Fela News
पिछले डेढ़ साल में टीम इंडिया की बल्लेबाजी ने अलग तस्वीरें पेश कीं, लेकिन टी20 विश्व कप में पावरप्ले संघर्ष साफ दिखा। स्पिन के खिलाफ धीमी शुरुआत और गिरते विकेट से टीम दबाव में।
पिछले लगभग 15 महीनों में टीम इंडिया की बल्लेबाजी की एक बड़ी कमजोरी लगातार सामने आती रही है, जो अब टी20 विश्व कप के मंच पर भी स्पष्ट दिखाई दे रही है। द्विपक्षीय सीरीज में जहां भारतीय टीम ने 230 से 270 तक के बड़े स्कोर बनाए, वहीं टूर्नामेंट में शुरुआती ओवरों में वही आक्रामकता नजर नहीं आई। विरोधी टीमों ने नई गेंद से स्पिन का उपयोग कर भारतीय टॉप ऑर्डर की रफ्तार पर असर डाला है।
बताया जा रहा है कि विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार सीरीज में टीम इंडिया ने 238/7, 271/5 और 231/5 जैसे बड़े स्कोर बनाए थे। उस दौरान पावरप्ले में 60 से अधिक रन बनाना आम बात थी और रन गति लगभग 10 प्रति ओवर रही। लेकिन टूर्नामेंट में अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ जीत के बावजूद पावरप्ले स्कोर 46/4, 86/1, 52/1, 51/2 और 31/3 जैसे रहे, जो हालिया फॉर्म से अलग तस्वीर पेश करते हैं।
सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। पहला, ओपनर अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म, जिसमें लगातार तीन बार शून्य पर आउट होना शामिल है। दिलचस्प यह भी रहा कि सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर उसी मैच में आया जब वह नहीं खेले और संजू सैमसन ने ईशान किशन के साथ ओपनिंग की। दूसरा कारण पिचों की प्रकृति को माना जा रहा है, जहां गेंद रुककर आ रही है और टर्न मिल रहा है, जिससे ऑफ-पेस और स्पिन प्रभावी साबित हुए।
इस बीच नंबर तीन और चार पर आने वाले बल्लेबाजों को भी पावरप्ले में उतरना पड़ा, जिससे रन गति प्रभावित हुई। आंकड़ों के अनुसार तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव का स्ट्राइक रेट अपेक्षा से कम रहा। वहीं दूसरी ओर विरोधी कप्तानों ने रणनीति बदलते हुए नई गेंद से स्पिनरों का उपयोग किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर शुरुआती दबाव बढ़ा।
रिपोर्ट के अनुसार नामीबिया, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैचों में यह रणनीति स्पष्ट दिखी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में एडेन मार्करम ने नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए पहले ओवर में ही ईशान किशन को आउट कर दिया। इसे भारत के खिलाफ एक स्पष्ट रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।
हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि टीम गहरे संकट में नहीं है, क्योंकि 209, 175 और 193 जैसे स्कोर चुनौतीपूर्ण पिचों पर बने। लेकिन पावरप्ले में धीमी शुरुआत और हालिया हार का असर अब नेट रन रेट और सेमीफाइनल समीकरण पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।
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