Last Updated Nov - 24 - 2025, 01:14 PM | Source : Fela News
तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाज बुरी तरह लड़खड़ाए और दक्षिण अफ्रीका ने मैच पर मजबूत पकड़ बनाई।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे टेस्ट का तीसरा दिन टीम इंडिया के लिए उम्मीद से ज्यादा मुश्किल रहा। गुवाहाटी में खेले जा रहे इस मुकाबले में अफ्रीकी टीम के बड़े स्कोर के सामने भारतीय बल्लेबाज लगातार दबाव में टूटते दिखे। एक-एक कर झटके लगते गए और हालत ऐसी बनी कि टीम इंडिया का संघर्ष धीरे-धीरे सरेंडर जैसा दिखाई देने लगा।
मैच के दौरान सबसे बड़ी निराशा युवा नीतीश रेड्डी रहे, जिनसे टीम को बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन वे भी रन बनाने में नाकाम रहे और जल्दी ही पवेलियन लौट गए। यह भारत की पारी का छठा विकेट था, जिसने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ माने जाने वाले कई खिलाड़ी पहले ही आउट हो चुके थे, और अब बाकी बल्लेबाजों पर पहाड़ जैसे दबाव की स्थिति बन गई।
दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में एक बड़ा कुल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में भारत शुरुआत से ही लड़खड़ाता दिखा। गेंदबाज़ी के अनुकूल नहीं चल रहे हालात और तेज गेंदबाजों की बाउंस-भरी लय भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन गई। हर ओवर के साथ अफ्रीकी गेंदबाज और तेज नजर आए, जबकि भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक और धैर्य दोनों पर सवाल उठते रहे।
मैच की स्थिति अब पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में झुकी हुई है। भारतीय पारी को संभालने की कोशिशें लगातार नाकाम होती जा रही हैं। टीम के अनुभवी बल्लेबाज भी बड़ी पारी नहीं खेल पा रहे और युवा खिलाड़ियों पर भी दबाव साफ दिखाई दे रहा है। इस हालात में भारत के सामने सिर्फ फॉलो-ऑन से बचना ही बड़ा लक्ष्य बन गया है।
गुवाहाटी की भीड़ भारतीय खिलाड़ियों को लगातार हौसला दे रही है, लेकिन मैदान पर हालात उतने ही कठिन बने हुए हैं। अगर निचले क्रम के बल्लेबाज कुछ समय तक टिकते हैं तो शायद टीम नुकसान कम कर सके, लेकिन फिलहाल मैच दक्षिण अफ्रीका के नियंत्रण में है।
तीसरे दिन के खेल ने साफ कर दिया है कि यह मुकाबला भारत के लिए एक कठिन परीक्षा बन चुका है। अब चौथे दिन क्या कोई चमत्कार हो पाएगा या अफ्रीका यह मैच पूरी तरह अपने नाम कर लेगा, सबकी निगाहें इसी पर टिकी हैं।