Last Updated Jun - 20 - 2025, 10:32 AM | Source : Fela News
अमेरिका इज़राइल–ईरान संघर्ष में अपनी भूमिका को लेकर जल्द बड़ा फैसला ले सकता है। अगले दो हफ्तों में तय होगा कि उसे अपनी नीति में बदलाव करना चाहिए या नहीं।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कहा है कि वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने की संभावना पर अगले दो हफ्तों में अंतिम निर्णय लेंगे। व्हाइट हाउस ने इसी अवधि में संभावित कूटनीति पुनर्जीवित करने की इच्छा भी जाहिर की है ।
ट्रम्प ने पहले कड़े तेवर दिखाए थे—उन्होंने कह दिया था कि वार रूम तैयार है और ईरान को परमाणु वार्ता नहीं स्वीकारने पर “और भी कठोर” क़दम उठाए जा सकते हैं । लेकिन इस बार उन्होंने कहा है कि वह अगले 14 दिनों तक इंतज़ार करेंगे, संभावित वार्ता और यूरोपीय माध्यमित कोशिशों को देख कर ।
इस निर्णय ने अमेरिका में विभाजन पैदा कर दिया है—कुछ रिपब्लिकन समर्थक युद्ध विराम की मांग कर रहे हैं, जबकि अन्य हॉकिश समूह ईरान से कड़े कदम लेने के पक्षधर हैं । ईरान-इज़राइल संघर्ष में पिछले कुछ दिन में अस्पताल तक मारे गए मिसाइल हमलों ने गृह जनता में अमेरिकी हस्तक्षेप के प्रति असमर्थता भी दिखा दी है ।
आने वाले दो हफ्तों में ट्रम्प प्रशासन यह देखेगा कि क्या जीनेवा में प्रस्तावित वार्ता—जिसे यूरोपीय देशों द्वारा आयोजित किया जा रहा है—से कोई औपचारिक समाधान निकल सकता है । ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिकी विकल्प अभी भी सैन्य हैं, पर प्राथमिकता कूटनीति को दी जाएगी ।
इस पूरे प्रकरण से यह संकेत मिलता है कि ट्रम्प का “दो हफ्ते का टर्मिनल” एक रणनीतिक इंतज़ार है—इससे वह कूटनीति के साथ-साथ आंतरिक राजनीतिक दबाव को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं । दुनिया की निगाहें अब अगले दो हफ्तों में ट्रम्प के निर्णय पर हैं—क्या वह अमेरिका की सक्रिय सैन्य भागीदारी को सीमित रखेंगे, या कूटनीतिक प्रयासों को विफल मानकर कार्रवाई करेंगे?