Last Updated May - 19 - 2025, 11:03 AM | Source : Fela News
पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी की जमानत याचिका लंदन की हाईकोर्ट ने दसवीं बार खारिज कर दी है, जिससे उसकी भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया में एक और बा
लंदन की हाईकोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन ने 15 मई 2025 को नीरव मोदी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। नीरव मोदी मार्च 2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद हैं और उन पर 6,498.20 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में शामिल होने का आरोप है। भारत सरकार ने अदालत में यह आशंका जताई थी कि यदि नीरव मोदी को जमानत दी जाती है, तो वह फिर से फरार हो सकता है। अदालत ने इस तर्क को गंभीरता से लिया और जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
इससे पहले, अप्रैल 2021 में ब्रिटेन की तत्कालीन गृह सचिव प्रीति पटेल ने नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। हालांकि, लंदन हाईकोर्ट ने हाल ही में एक "गोपनीय बाधा" का हवाला देते हुए प्रत्यर्पण प्रक्रिया में देरी की बात कही है। न्यायमूर्ति माइकल फोर्डहम ने कहा कि यह बाधा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह वर्तमान में यूके अधिकारियों को मोदी को भारत सौंपने से रोक रही है।
नीरव मोदी और उनके चाचा मेहुल चोकसी पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) के माध्यम से PNB को धोखा दिया और भारत से भाग गए। चोकसी को हाल ही में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया है, जबकि मोदी ब्रिटेन में प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
भारत सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मोदी के प्रत्यर्पण के लिए मजबूत प्रयास किए हैं। हाल ही में, CBI की एक टीम ने लंदन जाकर क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के साथ मिलकर अदालत में मोदी की जमानत याचिका का विरोध किया।
नीरव मोदी की जमानत याचिका का बार-बार खारिज होना भारत सरकार के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन प्रत्यर्पण प्रक्रिया में गोपनीय बाधा के कारण अंतिम निर्णय में अभी और समय लग सकता है।
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