Last Updated Jan - 29 - 2026, 06:02 PM | Source : Fela News
भारत का एक छोटा सा गांव स्वच्छता में बड़े शहरों को मात देता है। यहां की साफ-सफाई देखकर हर शख्स सीख लेने पर मजबूर हो जाता है।
भारत में जब भी साफ-सफाई की बात होती है, तो अक्सर बड़े शहरों या विदेशी देशों का नाम लिया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एशिया का सबसे साफ गांव भारत में ही मौजूद है। यह गांव न तो किसी बड़े शहर के पास है और न ही यहां कोई हाई-फाई सुविधाएं हैं, फिर भी साफ-सफाई के मामले में यह दुनिया भर के शहरों को पीछे छोड़ देता है। इस गांव का नाम है मावलिननॉन्ग, जो मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित है।
मावलिननॉन्ग मेघालय की राजधानी शिलांग से करीब 90 किलोमीटर दूर बसा हुआ है। चारों तरफ हरियाली, पहाड़, साफ हवा और शांत माहौल इस गांव को खास बनाते हैं। लेकिन इसकी सबसे बड़ी पहचान है यहां की सफाई | गांव की गलियों में चलते समय आपको कहीं भी कचरा, गंदगी या बदबू नहीं मिलेगी। सड़कें इतनी साफ होती हैं कि पहली बार आने वाला व्यक्ति भी कुछ फेंकने से पहले कई बार सोचता है।
इस गांव की सफाई के पीछे कोई बड़ा सरकारी सिस्टम नहीं, बल्कि लोगों की सोच और आदतें हैं। यहां कचरा फैलाना सामाजिक अपराध माना जाता है। हर घर के बाहर बांस से बने कूड़ेदान लगे होते हैं। लोग सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखते हैं। प्लास्टिक का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है और जैविक कचरे से खाद बनाई जाती है, जिसे खेती में उपयोग किया जाता है।
मावलिननॉन्ग में सफाई सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है। यहां बच्चों को छोटी उम्र से ही साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण का महत्व सिखाया जाता है। स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ यह भी बताया जाता है कि स्वच्छता क्यों जरूरी है। गांव के बुजुर्ग मानते हैं कि अगर वातावरण साफ रहेगा, तो लोग बीमार कम पड़ेंगे और जीवन खुशहाल रहेगा। इस गांव की एक और खास बात है कि यहां महिलाएं सामाजिक फैसलों में अहम भूमिका निभाती हैं। जमीन और संपत्ति का अधिकार महिलाओं के पास होता है, जिससे परिवार और समाज में संतुलन बना रहता है। लोग मिल-जुलकर हर काम करते हैं, चाहे वह सफाई हो, खेती हो या गांव के फैसले ।
मावलिननॉन्ग सिर्फ सफाई के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटन के लिए भी मशहूर है। यहां का लिविंग रूट ब्रिज, जो पेड़ों की जड़ों से बना हुआ है, प्रकृति और इंसान के बीच अनोखे रिश्ते को दिखाता है। इसके अलावा गांव में बना स्काई व्यू टावर पर्यटकों को दूर तक फैला खूबसूरत नजारा दिखाता है। साफ वातावरण और शांत जीवनशैली पर्यटकों को खासा आकर्षित करती है।
यह गांव हमें यह सिखाता है कि साफ रहने के लिए बड़े बजट या आधुनिक तकनीक की जरूरत नहीं होती। अगर लोगों की सोच साफ हो और जिम्मेदारी का एहसास हो, तो कोई भी जगह स्वच्छ बन सकती है। मावलिननॉन्ग आज सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण है।
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