Last Updated Jun - 17 - 2025, 12:48 PM | Source : Fela News
इज़रायल की फाइटर जेट द्वारा तेहरान में ईरान के सरकारी टीवी स्टेशन इरीब के स्टूडियो पर हमला जारी रहा, लेकिन एंकर साहार इमामी ने शांति बनाये रखकर बहादुरी दिखाई।
केंद्रीय तेहरान के सरकारी टीवी स्टूडियो—इरीब (IRINN)—पर सोमवार शाम को इज़रायल की एक हवाई कार्रवाई में मिसाइलें दागी गईं। लाइव प्रसारण के वक्त एंकर साहार इमामी अचानक शोर और कमरों में धूल के बीच भी शांत रहीं और कैमरे के सामने कायम रहीं ।
स्टूडियो में जब धमाके हुए, तो तस्वीरों और धूल की चादर दिखने लगी। इमामी ने तुरन्त स्टूडियो खाली किया, पर कुछ ही देर बाद दूसरे सेट से लौट कर लाइव आ गईं। उन्होंने बताया कि कई सहयोगी घायल हुए हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है ।
इज़रायली रक्षा मंत्री इस्राइल कैट्ज़ ने हमले की जिम्मेदारी ली, कहा कि इरीब ‘भड़काऊ और प्रचार उपकरण’ बन गया है। इजरायली सेना ने पहले इलाके का चेतावनी दे रखा था और 3,30,000 लोगों को खाली कराने के आदेश दिए गए थे ।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने इस हमले को “युद्ध अपराध” बताया और विश्व समुदाय से न्याय की मांग की। मीडिया संस्थाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना है |हमले के तुरंत बाद स्टूडियो को बंद कर दिया गया और प्री‑रिकॉर्डेड कार्यक्रम से प्रसारण जारी रखा गया। बाद में वही प्रसारण किसी दूसरे सुरक्षित स्थान से सुचारू किया गया ।
हमले की प्रकृति: इज़रायली एयर स्टाइक से चार बम दागे गए, जिससे आग और नुकसान हुआ ।
सुबह की तैयारी: यह कार्रवाई उस इलाके में पाकिस्तान की चेतावनी के बाद की गई थी, जहां सरकारी इमारतें और अस्पताल थे ।
बुधवार से संतराष्ट्र संगठन रिपोर्ट कर रहा है कि तेहरान की आकाश में इज़रायल का दबदबा कायम है और ईरान ने लगभग 100 मिसाइलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की है ।
सहार इमामी का शांत और पेशेवर रवैया ऐतिहासिक रूप से चर्चा का विषय बन गया—यह बहादुरी और मीडिया प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है। यह हमला सरकारी मीडिया को निशाना बनाकर की गई पहली बार से लेकर जुड़े विवादों को बढ़ावा देता है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना है: जब मीडिया भवन ही लड़ाई के लक्ष्य बन जाएं, तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून‑संस्कृति की रक्षा कहां तक हो सकती है?
इज़रायल‑ईरान संघर्ष राजनीतिक, मानवीय और कूटनीतिक मोर्चों पर गहराता जा रहा है—और हर नई घटना इन बहुआयामी जटिलताओं को और बढ़ा देती है।