Last Updated Dec - 05 - 2025, 11:55 AM | Source : Fela News
ब्राज़ील के पारा राज्य की सेरा पेलाडा खदान में एक बार फिर सोना खोजने की होड़ बढ़ गई है। यही वह जगह है जहाँ मजदूर चिको ओसोरियो को कभी 700 किलो सोना मिला था।
ब्राज़ील के पारा राज्य में स्थित सेरा पेलाडा एक बार फिर दुनिया की सुर्खियों में है। कभी मिट्टी के पहाड़ों से सोना निकालने के लिए मशहूर यह जगह अब फिर चर्चा में है, क्योंकि दावा किया जा रहा है कि इस छोटे से गांव के नीचे भारी मात्रा में सोना दबा हो सकता है। अगर यह सच निकला, तो यह इलाका दुनिया के सबसे अमीर क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।
हालांकि इस लालच की सबसे बड़ी कीमत अमेजन का पर्यावरण चुका रहा है। सोने की खोज में जंगल तेजी से काटे जा रहे हैं, नदियाँ जहरीली हो चुकी हैं और पारा (Mercury) के इस्तेमाल ने पूरे क्षेत्र के भविष्य को खतरे मेंडाल दिया है।
80 के दशक में सेरा पेलाडा की तस्वीर
1980 के दशक में यह खदान किसी युद्धक्षेत्र जैसी दिखती थी। हज़ारों मजदूर गहरी मिट्टी की दीवारों से रस्सियों के सहारे लटककर सोना निकालते थे। उस समय की तस्वीरों में आधे नंगे मजदूरों की भीड़, टूटते पहाड़ और कीचड़ में फिसलती जानें दुनिया को हिला देती थीं। कई लोगों की जान गई, लेकिन सोने की चाह में लोग हर जोखिम उठाते रहे।
किस्मत बदली, फिर सब खत्म
पारा राज्य के मजदूर चिको ओसोरियो का नाम सेरा पेलाडा के इतिहास में खास है।
साल 1982 में उसने रेडियो पर सोना मिलने की खबर सुनी और तुरंत खदान पहुंच गया। किस्मत ने साथ दिया और तीन साल में उसने करीब 700 किलो सोना निकाला। आज इसकी कीमत 900 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होती।
ओसोरियो ने अपनी कमाई से दो हवाई जहाज खरीदे, मशीनें लीं और बाकी पैसा बैंक में जमा कर दिया। लेकिन कुछ ही साल बाद सब बदल गया—
खदान सुरक्षा कारणों से बंद हो गई और जिसमें उसने पैसा रखा था, वह बैंक दिवालिया हो गया।
यह भी पढ़ें: