Last Updated Jun - 03 - 2025, 10:56 AM | Source : Fela News
वीज़ा खत्म, फर्जी आवेदन और अवैध निवास के मामलों में कार्रवाई, गुरुद्वारे और संगठन मदद के लिए आगे आए।
कनाडा सरकार ने देशभर में इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 30,000 अप्रवासियों के डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संख्या में बड़ी तादाद में पंजाबी मूल के लोग शामिल हैं, जो छात्र या वर्क वीज़ा पर कनाडा आए थे।
बताया जा रहा है कि इनमें से कई लोग अवैध इमिग्रेशन एजेंटों के झांसे में आकर कनाडा पहुंचे थे, जिन्हें स्थायी निवास (PR) का झूठा सपना दिखाया गया था। लेकिन वीज़ा की अवधि खत्म होने या फर्जी दस्तावेज़ों के चलते अब उन्हें देश छोड़ने का नोटिस मिल रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर कनाडा में रहने वाले सामुदायिक संगठन और गुरुद्वारे आगे आए हैं, जो इन लोगों को कानूनी सहायता और मानसिक समर्थन प्रदान कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ इमिग्रेशन का मामला नहीं, बल्कि एक मानवीय संकट बन चुका है।
एडवोकेसी समूहों का तर्क है कि इन लोगों ने सालों तक कनाडा में रहकर अर्थव्यवस्था में योगदान दिया है, टैक्स भरा है और समाज का हिस्सा बने हैं, इसलिए उन्हें डिपोर्ट करने के बजाय वैध दर्जा देने पर विचार किया जाना चाहिए।
फिलहाल, यह मामला कनाडा की इमिग्रेशन नीति, मानवाधिकार और प्रवासी समुदायों के भविष्य को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।