Last Updated Feb - 28 - 2026, 04:35 PM | Source : Fela news
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चार दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया और निवेश व रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की बात कही।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर यह उनका पहला भारत दौरा है। 27 फरवरी से 2 मार्च तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वह मुंबई और नई दिल्ली में कई अहम बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरे को भारत-कनाडा संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मार्क कार्नी अपनी पत्नी के साथ विशेष विमान से मुंबई पहुंचे। यहां उन्होंने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, निवेशकों, वित्तीय विशेषज्ञों और भारतीय व कनाडाई कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की। मुंबई में आयोजित निवेश कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति की खुलकर सराहना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने भारत को "दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था" बताया और कहा कि यह दौरा दोनों देशों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
कार्नी ने कहा कि कनाडा भारत के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी चाहता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, हरित ऊर्जा और निवेश के क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। खासतौर पर कनाडाई पेंशन फंड्स और निवेशकों की भारत में बढ़ती दिलचस्पी को उन्होंने सकारात्मक संकेत बताया।
दौरे के अगले चरण में कार्नी नई दिल्ली जाएंगे, जहां सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक सहयोग, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। जून और नवंबर में कानानास्किस तथा जोहान्सबर्ग में हुई पिछली बैठकों के आधार पर हुई प्रगति की समीक्षा भी इस दौरान की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा 2023 के राजनयिक विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में अहम कदम है। उस समय कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संभावित भारतीय संलिप्तता के आरोप लगाए जाने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था। इसके चलते
राजनयिक स्तर पर कड़े कदम उठाए गए और रिश्ते निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
ऐसे में मार्क कार्नी का यह दौरा संबंधों में नई शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। भारत और कनाडा दोनों ही जी-20 जैसे वैश्विक मंचों पर अहम भूमिका निभाते हैं। ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की संभावना भी जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, कनाडा के प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी की बैठक पर है, जिससे यह तय होगा कि भारत-कनाडा संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
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