Last Updated Nov - 17 - 2025, 11:45 AM | Source : Fela News
कांगो की कोबाल्ट खदान में पुल गिरने से 32 अवैध खनिकों की जान चली गई. हादसे के बाद कई लोग अभी भी लापता हैं.
दक्षिण–पूर्वी कांगो में एक बड़ा और बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है. लुआलाबा प्रांत की कोबाल्ट खदान में 15 नवंबर को लकड़ी का एक अस्थायी पुल टूट गया, जिससे अंदर काम कर रहे कई अवैध खनिक नीचे गिर गए. हादसा इतना भयानक था कि खदान के अंदर कई शव दिखाई भी नहीं दे रहे थे।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक 32 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं और बचाव टीमें बाकी लोगों की तलाश कर रही हैं. तेज बारिश की वजह से खदान में पानी भरा हुआ था, इसलिए मलबे में फंसे लोगों को निकालना और मुश्किल हो गया है. स्थानीय मंत्री रॉय कौम्बा मायोंडे ने कहा कि मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं.
प्रतिबंध के बावजूद खदान में पहुंचे हजारों लोग
बारिश के बाद जमीन धंसने और बाढ़ का खतरा था, इसलिए खदान में जाना मना किया गया था. इसके बावजूद हजारों अवैध खनिक अंदर चले गए. पानी से भरी खाई पर बने लकड़ी के पुल पर अचानक भीड़ बढ़ी और दबाव ज्यादा होने से पुल टूट गया. लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए और कई की मौके पर ही मौत हो गई.
चीन समर्थित कंपनी से पुराना विवाद
सरकारी एजेंसी SAEMAPE के मुताबिक यह खदान लंबे समय से अवैध खनिकों और वहां मौजूद चीन समर्थित कंपनी के बीच विवाद की वजह रही है. खदान के पास तैनात सैनिकों को देखकर लोग अक्सर डर जाते हैं. हादसे वाले दिन भी सैनिकों की मौजूदगी से खनिकों में घबराहट बढ़ गई थी, जिससे भीड़ एक ही समय में पुल पर चढ़ गई.
तस्वीरों ने दिखाई दर्दनाक सच्चाई
वीडियो में खनिकों को पानी भरे गड्ढों से शव निकालते देखा गया. जमीन पर कई डेड बॉडी बिखरी हुई थीं. तस्वीरों से पता चला कि करीब 10,000 अवैध खनिक बिना किसी सुरक्षा के वहां काम कर रहे थे.
दुनिया का सबसे बड़ा कोबाल्ट उत्पादक देश
कांगो दुनिया का सबसे बड़ा कोबाल्ट उत्पादक है और वैश्विक उत्पादन का लगभग 70% हिस्सा यहां से निकलता है. कोबाल्ट इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल और लैपटॉप बैटरियों में जरूरी धातु है, इसलिए इसकी मांग दुनियाभर में बढ़ती जा रही है.
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