Last Updated Mar - 29 - 2025, 03:27 PM | Source : Fela News
म्यांमार-थाईलैंड में आए भूकंप से भारी तबाही हुई। भारत ने राहत सामग्री भेजी और बचाव कार्य में सहयोग कर रहा है। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय टीमें भी राहत और
28 मार्च 2025 को म्यांमार, थाईलैंड, चीन और भारत में शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे व्यापक तबाही हुई है। पहला भूकंप दोपहर 12:50 बजे आया, जिसकी तीव्रता 7.7 मापी गई, और इसके 12 मिनट बाद 6.4 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया।
म्यांमार में इस आपदा से सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जहां मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक पहुंच गई है। देश के कई हिस्सों में आपातकाल घोषित किया गया है, और सेना ने अंतर्राष्ट्रीय सहायता की अपील की है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी कई इमारतें धराशायी हो गई हैं, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने बैंकॉक को आपातकालीन क्षेत्र घोषित किया है।
भारत ने म्यांमार की सहायता के लिए 15 टन से अधिक राहत सामग्री भेजने का निर्णय लिया है, जिसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, तैयार भोजन, जल शुद्धिकरण उपकरण, स्वच्छता किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। यह सामग्री भारतीय वायु सेना के सी-130जे विमान द्वारा भेजी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और हर संभव सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा, "भारत शुक्रवार को आए बड़े भूकंप के बाद म्यांमार को मदद भेजने के लिए तैयार है।"
इस प्राकृतिक आपदा के बाद, प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य तेजी से जारी हैं। मांडले से बैंकॉक तक रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहे हैं, जहां मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां मिलकर प्रभावित लोगों की सहायता में जुटी हैं, ताकि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।