Last Updated Dec - 18 - 2025, 05:22 PM | Source : Fela News
भारत और ओमान के बीच आज एक अहम फ्री ट्रेड डील होने जा रही है, जिसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। इस समझौते से सिर्फ व्यापार ही नह
भारत और ओमान के बीच सालाना कारोबार करीब 10 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। अब फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होने से यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इस डील के तहत कई सामानों पर टैरिफ कम या खत्म किया जाएगा, जिससे भारतीय और ओमानी कंपनियों को सीधे फायदा मिलेगा। खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, टेक्सटाइल, फूड प्रोडक्ट्स और एनर्जी सेक्टर को नई गति मिलने की संभावना है।
ओमान को भारत के लिए सिर्फ एक व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक गेटवे के तौर पर देखा जा रहा है। ओमान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और यूरोप के बाजारों तक पहुंच का आसान रास्ता खोलता है। इस डील के बाद भारतीय कंपनियों को इन क्षेत्रों में अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
ओमान के लिए भी यह समझौता फायदेमंद माना जा रहा है। भारत एक बड़ा उपभोक्ता बाजार है और ओमानी उत्पादों को यहां बेहतर पहुंच मिल सकेगी। इसके अलावा निवेश, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद मजबूत कूटनीतिक रिश्ते इस व्यापारिक साझेदारी को और गहरा करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फ्री ट्रेड डील सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगी। इसके जरिए भारत को अफ्रीका और पश्चिम एशिया में अपनी आर्थिक मौजूदगी मजबूत करने का मौका मिलेगा। वहीं ओमान खुद को एक इंटरनेशनल ट्रेड हब के रूप में स्थापित कर सकता है।
आज होने वाला यह समझौता आने वाले वर्षों में भारत-ओमान संबंधों को नई दिशा दे सकता है। 10 अरब डॉलर के मौजूदा कारोबार से आगे बढ़कर यह साझेदारी अब वैश्विक व्यापार के नए रास्ते खोलने की ओर बढ़ती दिख रही है।