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गाजा में हमास की वापसी ट्रंप योजना पर सवाल उठे

गाजा में हमास की वापसी ट्रंप योजना पर सवाल उठे

Last Updated Jan - 23 - 2026, 03:21 PM | Source : Fela News

डोनाल्ड ट्रंप के हमास मुक्त गाजा के दावे के बावजूद हालिया हालात बदले हैं। आतंकी संगठन की दोबारा सक्रियता से सुरक्षा रणनीति और राजनीतिक प्रयासों पर सवाल खड़े हो
गाजा में हमास की वापसी ट्रंप योजना पर सवाल उठे
गाजा में हमास की वापसी ट्रंप योजना पर सवाल उठे

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान गाजा को हमास मुक्त बनाने की बात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही थी। उस समय अमेरिका और उसके सहयोगियों ने यह दावा किया था कि सैन्य दबाव, कूटनीतिक पहल और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए हमास की ताकत को कमजोर किया गया है। हालांकि ताजा घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि गाजा पट्टी में हमास एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में हमास ने गाजा में अपने संगठनात्मक ढांचे को फिर से सक्रिय किया है। स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण, सुरक्षा नेटवर्क और संसाधन जुटाने की गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद संगठन ने जमीनी स्तर पर अपनी मौजूदगी पूरी तरह खत्म नहीं होने दी।

इस बीच सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सैन्य कार्रवाई से किसी आतंकी संगठन को स्थायी रूप से खत्म करना मुश्किल होता है। गाजा में लंबे समय से जारी मानवीय संकट, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने हमास को स्थानीय समर्थन बनाए रखने का मौका दिया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या ट्रंप प्रशासन की नीति ने गाजा की जमीनी सच्चाइयों को पूरी तरह समझा था।

वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी अधिकारियों का तर्क रहा है कि हमास को कमजोर करने के लिए इजरायल को खुला समर्थन दिया गया और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाया गया। प्रशासन का कहना है कि तत्काल सैन्य दबाव से हमास की क्षमताओं पर असर पड़ा था। हालांकि, कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी दीर्घकालिक राजनीतिक समाधान के बिना यह प्रभाव अस्थायी ही रहता है।

बताया जा रहा है कि गाजा में सत्ता का खालीपन और फिलिस्तीनी प्राधिकरण की सीमित भूमिका ने भी हमास को दोबारा संगठित होने का अवसर दिया। इस बीच क्षेत्रीय राजनीति में बदलाव, ईरान जैसे देशों की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय ध्यान के बंटने से भी हालात प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि इन सभी कारकों ने हमास की वापसी को आसान बनाया।

विशेषज्ञों के अनुसार, गाजा में स्थायी शांति के लिए केवल सैन्य रणनीति नहीं, बल्कि राजनीतिक संवाद और मानवीय हालात में सुधार जरूरी है। फिलहाल हमास की दोबारा सक्रियता ने ट्रंप के हमास मुक्त गाजा के दावे को चुनौती दी है और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

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