Last Updated Oct - 14 - 2025, 05:09 PM | Source : Fela News
अमेरिका में बढ़ती महंगाई और आयात शुल्क की मार अब आम नागरिकों की जेब पर भारी पड़ रही है। गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की टैरिफ नीति का सीधा असर उपभ
अमेरिका में “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” का नारा अब आम लोगों के लिए महंगा साबित हो रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ (आयात शुल्क) नीतियों का असर अब अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब पर साफ दिख रहा है। गोल्डमैन सैक्स की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के व्यापारिक फैसलों के चलते देश में वस्तुओं की कीमतों में औसतन 55 फीसदी तक वृद्धि हुई है।
ट्रंप प्रशासन ने चीन सहित कई देशों से आने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाया था, ताकि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके। लेकिन इसका उल्टा असर हुआ , विदेशी सामान महंगे हो गए और रोजमर्रा की चीजें जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और घरेलू उपकरण आम अमेरिकियों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप की नीतियों का सबसे ज्यादा नुकसान मध्यम वर्ग को हुआ है। पहले जहां यह नीति चीन के खिलाफ आर्थिक दबाव बनाने के लिए अपनाई गई थी, वहीं अब इसका खामियाजा खुद अमेरिकी जनता भुगत रही है। कई विश्लेषकों का कहना है कि अगर टैरिफ में जल्द राहत नहीं दी गई, तो महंगाई और उपभोक्ता असंतोष आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
वहीं, ट्रंप का तर्क है कि उनकी नीतियों ने अमेरिकी उद्योग को “आत्मनिर्भर” बनाया और विदेशी निर्भरता कम की। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की यह कोशिश अब जेब पर बोझ बन चुकी है।
कुल मिलाकर, “अमेरिका फर्स्ट” की नीति अब “अमेरिकन पर्स पर फर्स्ट हिट” बनती जा रही है। जनता महसूस कर रही है कि आमदनी तो वही है, लेकिन खर्चा अब तेजी से बढ़ता जा रहा है , जैसे कहावत है, “आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया।”