Last Updated Feb - 02 - 2026, 01:07 PM | Source : Fela News
दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई में हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विंग के प्रमुख अली दाऊद अमिच की मौत हुई, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर असर पड़ सकत
दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विंग के प्रमुख अली दाऊद अमिच को मार गिराने का दावा किया है। इजरायली डिफेंस फोर्सेज यानी IDF के अनुसार, यह कार्रवाई सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें हिज्बुल्लाह के एक अहम ऑपरेशनल कमांडर को निशाना बनाया गया। प्रशासन का कहना है कि अली अमिच संगठन की तकनीकी और इंजीनियरिंग गतिविधियों की कमान संभाल रहा था।
सूत्रों के अनुसार, अली दाऊद अमिच हिज्बुल्लाह के उन वरिष्ठ सदस्यों में शामिल था जो इजरायल के खिलाफ रॉकेट लॉन्चिंग, विस्फोटक उपकरणों के विकास और सीमा पार हमलों की योजना से जुड़े थे। IDF की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमिच को संगठन के “इंजीनियरिंग नेटवर्क” का प्रमुख माना जाता था और वह सैन्य ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। इस कार्रवाई को इजरायल ने अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है।
इस बीच लेबनान के स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से घटना की पुष्टि की गई है। बताया जा रहा है कि यह स्ट्राइक दक्षिणी लेबनान के उस इलाके में की गई जहां हाल के महीनों में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि हमले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
वहीं दूसरी ओर, हिज्बुल्लाह की ओर से इस घटना पर औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि संगठन से जुड़े मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इजरायली कार्रवाई की निंदा की गई है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि इस हमले के बाद सीमा पर हालात और अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की लक्षित कार्रवाई से दोनों पक्षों के बीच टकराव का दायरा बढ़ने की आशंका रहती है।
इजरायली सेना का कहना है कि वह किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए ऐसे ऑपरेशनों को जारी रखेगी। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है, क्योंकि लेबनान-इजरायल सीमा पर बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया की व्यापक सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल स्थिति पर करीबी निगरानी रखी जा रही है और आगे के घटनाक्रम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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