Last Updated May - 05 - 2025, 12:00 PM | Source : Fela News
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 62 साल बाद अलकाट्राज जेल को फिर से खोलने का आदेश दिया है। जानिए, यह जेल क्यों कुख्यात रही है।
क्या आपने ‘स्केप फ्रॉम अलकाट्राज’ फिल्म देखी है? अगर नहीं, तो जरूर देखिए। यह फिल्म दुनिया की सबसे खतरनाक जेल, अलकाट्राज से तीन कैदियों के फरार होने की कहानी है। कैसे तीनों ने एक नेलकटर और फोर्क की मदद से समंदर में बने जेल की सुरक्षा को तोड़ा। अब हम ये कहानी क्यों बता रहे हैं? क्योंकि 62 साल बाद इस जेल को फिर से खोला जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे फिर से खोलने का आदेश दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह अपनी सरकार को अलकाट्राज को फिर से खोलने और उसे बड़ा बनाने का निर्देश दे रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका शातिर और हिंसक अपराधियों से परेशान है और वह इन अपराधियों को रखने के लिए इस जेल को फिर से खोलने जा रहे हैं।
अलकाट्राज जेल का इतिहास 1868 से शुरू हुआ, जब अमेरिकी सेना ने यहां एक बैरक बनाई थी। 1912 में इसे सही तरीके से एक जेल के रूप में बदल दिया गया और 1933 में इसे फेडरल जेल के रूप में उपयोग के लिए दिया गया। यह जेल 1963 में बंद हो गई, और अब यह एक टूरिस्ट स्पॉट बन गई है। यहां कुछ मशहूर गैंगस्टर जैसे अल कैपोन और मिकी कोहेन बंदी रहे थे।
अब आते हैं तीन कैदियों की कहानी पर, जो इस जेल से फरार हो गए। 1960 में, फ्रैंक मॉरिस नामक एक नया कैदी यहां आया। उसने तीन अन्य कैदियों, जॉन ऐंग्लिन, क्लैरेन्स ऐंग्लिन और ऐलन वेस्ट से दोस्ती की। 1961 में उन्होंने जेल से भागने की योजना बनाई। उन्होंने जेल की दीवार में लगी एक जाली को हटाया और अपनी योजनाओं को अंजाम दिया। वे कागज से पुतले बना कर गार्ड को धोखा देते थे और समंदर पार करने के लिए नाव बनाई थी। हालांकि, एक साथी वक्त पर वेंटीलेशन तक नहीं पहुंच पाया, और बाकी तीन उसे बिना लिए भाग गए।
क्या वे समंदर पार कर पाए या नहीं, यह आज तक पता नहीं चल पाया। उनकी कोई लाश नहीं मिली, लेकिन FBI का दावा था कि वे मारे गए थे। हालांकि, उनके परिवार ने कहा कि वे फरार होने के बाद भी संपर्क में थे।
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