Last Updated Jun - 28 - 2025, 11:31 AM | Source : Fela News
Iran Nuclear Site: ईरान की परमाणु साइट की नई सैटेलाइट तस्वीरों से बड़ा खुलासा हुआ है। 27 जून को ली गई इन तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि वहां एक सुरंग का दरवाजा
Esfahan Tunnel Reopened Satellite Images: ईरान की इस्फहान स्थित एक अहम परमाणु साइट से जुड़ी नई सैटेलाइट तस्वीरों से बड़ा खुलासा हुआ है। 27 जून को ली गई इन तस्वीरों में देखा गया है कि इस्फहान की यूरेनियम कन्वर्जन फैसिलिटी के भूमिगत परिसर में मौजूद एक सुरंग का गेट फिर से खोल दिया गया है, जिसे पहले बंद कर दिया गया था।
हालांकि सुरंग को दोबारा खोलने की वजहों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु तनाव काफी बढ़ गया है।
बंकर बस्टर नहीं, टॉमहॉक मिसाइलें इस्तेमाल की गईं
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन कैन ने बताया कि इस्फहान साइट पर अमेरिका ने बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल नहीं किया। इसकी बजाय, एक अमेरिकी पनडुब्बी से टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं। उन्होंने बताया कि यह परमाणु साइट इतनी गहराई में है कि बंकर बस्टर बम भी वहां असर नहीं कर सकते।

फोर्डो साइट पर खुदाई शुरू
इस हमले के बाद ईरान ने फोर्डो परमाणु साइट पर खुदाई शुरू कर दी है। 27 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में वहां मिट्टी हटाने की मशीनें, ट्रक और जेसीबी जैसी गाड़ियाँ नजर आईं। माना जा रहा है कि ईरान वहां से किसी खतरनाक यूरेनियम को निकालने की कोशिश कर रहा है, जिसका अभी तक कोई पता नहीं चला था। फोर्डो भी उन्हीं ठिकानों में शामिल है जिन्हें अमेरिका ने निशाना बनाया था।
ट्रंप ने फिर दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भविष्य में फिर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकते हैं, तो उन्होंने साफ कहा, “हां, बिल्कुल, बिना किसी हिचकिचाहट के।”
सीनेट में ट्रंप को मिला समर्थन
अमेरिकी सीनेट में ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी का पूरा समर्थन मिला है, जिसे 53-47 का बहुमत हासिल है। रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि ईरान अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बड़ा खतरा है, इसलिए ट्रंप के कड़े फैसले सही हैं। इन नेताओं ने पिछले हफ्ते ट्रंप द्वारा बिना कांग्रेस की मंजूरी लिए किए गए तीन बड़े हमलों का भी समर्थन किया और कहा कि संकट के समय राष्ट्रपति को तुरंत निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए।