Last Updated Mar - 21 - 2026, 11:33 AM | Source : Fela News
Iran-US War: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव की तुलना वियतनाम युद्ध से की है। उन्होंने कहा कि हालात की असली तस्वीर अलग है और जीत के दावे हकीकत से मेल नहीं खाते।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना वियतनाम युद्ध से करते हुए कहा कि जमीन पर स्थिति और दावों में बड़ा अंतर हो सकता है। उनका कहना है कि जैसे वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका जीत के दावे करता था, लेकिन असल हालात अलग थे, वैसी स्थिति अब भी देखने को मिल सकती है।
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, अराघची ने 1960 के दशक में साइगोन में होने वाली “फाइव ओ’क्लॉक फॉलीज़” प्रेस ब्रीफिंग का जिक्र किया। इन ब्रीफिंग्स में अमेरिकी सेना बार-बार अपनी सफलता दिखाने की कोशिश करती थी, जबकि जमीनी हालात इसके उलट थे। उन्होंने कहा कि आज भी अमेरिका कुछ इसी तरह के दावे कर रहा है।
वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी जनरल विलियम वेस्टमोरलैंड ने भी दावा किया था कि जीत करीब है। लेकिन 1968 में टेट आक्रामक के बाद हालात बदल गए और अमेरिका के दावों पर सवाल उठने लगे। अराघची का कहना है कि मौजूदा स्थिति भी कुछ हद तक वैसी ही लग रही है, जहां दावे और हकीकत में फर्क दिखाई दे रहा है।
अराघची ने अमेरिका के सैन्य दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक F-35 Lightning II को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। साथ ही अमेरिकी युद्धपोत जैसे USS Gerald R. Ford और USS Abraham Lincoln के पीछे हटने की बात भी कही गई है। हालांकि अमेरिका ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि F-35 ने सुरक्षित लैंडिंग की है और जांच जारी है।
इस मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी अपने देश में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि अमेरिका इस संघर्ष में बढ़त बनाए हुए है और ईरान की एयर डिफेंस कमजोर हो चुकी है।
वियतनाम युद्ध से सबक लेते हुए अराघची ने इशारा किया कि केवल जीत के दावे करने से हालात नहीं बदलते। इतिहास बताता है कि लंबे संघर्ष में जमीनी सच्चाई ही सबसे अहम होती है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज किया गया, तो हालात वियतनाम जैसे भी बन सकते हैं।
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