Fela News Lifestyle Header Banner

क्या कनाडा की सरहद पर कुछ बड़ा पक रहा है

क्या कनाडा की सरहद पर कुछ बड़ा पक रहा है

Last Updated Jan - 19 - 2026, 03:16 PM | Source : Fela News

रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों ने अमेरिका में चिंता बढ़ा दी है। डोनाल्ड ट्रंप अब इसे सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।
क्या कनाडा की सरहद पर कुछ बड़ा पक रहा है
क्या कनाडा की सरहद पर कुछ बड़ा पक रहा है

अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर विदेश नीति को लेकर हलचल तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और चीन को लेकर नई चिंता जाहिर की है, और इस बार मामला कनाडा से जुड़ा हुआ है। ट्रंप का कहना है कि कनाडा और आर्कटिक क्षेत्र के आसपास रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।

सूत्रों के मुताबिक रूस और चीन ने हाल के महीनों में आर्कटिक क्षेत्र में अपनी गतिविधियां तेज की हैं। इसमें सैन्य अभ्यास, रिसर्च मिशन और रणनीतिक मौजूदगी शामिल बताई जा रही है। चूंकि आर्कटिक का बड़ा हिस्सा कनाडा के पास आता है, इसलिए अमेरिका को आशंका है कि यह क्षेत्र भविष्य में भू-राजनीतिक टकराव का केंद्र बन सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे को उठाते हुए कनाडा की बॉर्डर सिक्योरिटी और आर्कटिक रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि अगर कनाडा इस क्षेत्र को लेकर सख्त रुख नहीं अपनाता, तो रूस और चीन इसका फायदा उठा सकते हैं। ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड और आर्कटिक इलाके को रणनीतिक रूप से बेहद अहम बता चुके हैं।

अमेरिका की चिंता सिर्फ सैन्य नहीं है। आर्कटिक क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों, नई समुद्री रूट्स और ग्लोबल ट्रेड को लेकर भी बड़ी होड़ मानी जा रही है। बर्फ पिघलने के साथ ही यह इलाका आर्थिक और सामरिक दोनों लिहाज से ज्यादा अहम होता जा रहा है। रूस पहले से ही आर्कटिक में अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है, जबकि चीन खुद को आर्कटिक के करीब का देश बताकर वहां निवेश और रिसर्च बढ़ा रहा है।

ट्रंप का आरोप है कि अमेरिका ने लंबे समय तक इस खतरे को हल्के में लिया, जबकि रूस और चीन चुपचाप अपनी स्थिति मजबूत करते रहे। इसी वजह से अब वह इस मुद्दे को खुलकर उठा रहे हैं और सहयोगी देशों पर दबाव बनाने की बात कर रहे हैं।

कनाडा की ओर से इस पर फिलहाल कोई तीखी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका-कनाडा रिश्तों में इस मुद्दे पर तनाव बढ़ सकता है। आर्कटिक को लेकर आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और ज्यादा गर्म होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, रूस और चीन की गतिविधियों ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि वैश्विक ताकतों की नजर अब नए इलाकों पर टिक चुकी है। ट्रंप की शिकायत सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि आने वाले बड़े भू-राजनीतिक टकराव का संकेत भी मानी जा रही है।

यह भी पढ़ें: 

क्या गाजा की आड़ में UN को साइडलाइन करने की चाल है

Share :

Trending this week

भारतीय जहाज पर ईरानी ड्रोन हमला?

Jun - 13 - 2026

होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय जहाज पर कथित हमले को लेकर ... Read More

होर्मुज बंद तो भारत पर महाझटका!

Jun - 11 - 2026

पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के ब... Read More

मिसाइल हमले पर ट्रंप भड़के, नेतन्याहू को फोन चेतावनी

Jun - 08 - 2026

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्र... Read More