Last Updated Jun - 17 - 2025, 12:54 PM | Source : Fela News
इज़राइल और ईरान के बीच सातवें दिन भी मिसाइल हमलों की झड़ी जारी, सैनिक और नागरिक दोनों भारी मार झेल रहे हैं।
इज़राइल-ईरान संघर्ष अब अपने पाँचवें-पहले दिन में प्रवेश कर चुका है। दोनों देशों के बीच लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिससे नागरिक इलाकों में भी तबाही हो रही है ।
तेहरान, नतांज और अन्य इलाकों में इज़राइली मिसाइलों और ड्रोन की बौछार हुई, जिससे सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं मीडिया कार्यालयों को भारी नुकसान पहुंचा। अधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, ईरानी पक्ष में अब तक लगभग 224 नागरिकों की मौत हुई है ।
ईरान ने लगभग 370 से अधिक मिसाइल और ड्रोन के जरिए तेल अवीव, हाइफा समेत इज़राइली शहरों पर हमला किया। इज़राइल की ओर से 24 नागरिकों को जान गंवानी पड़ी, वहीं सैंकड़ों लोग घायल हुए हैं ।
इज़राइल ने तेहरान पर अपना हवाई नियंत्रण कायम करने का दावा किया है और क़रीब 330,000 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की चेतावनी दी ।
G7 देशों और संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष को बढ़ाने से बचने की अपील की। G7 ने इज़राइल के आत्म‑रक्षा की बात मानी, पर साथ ही ईरान को परमाणु हथियार न विकसित करने की कड़ी चेतावनी दी ।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान छोड़ने की चेतावनी देते हुए कहा कि स्थिति और बिगड़ सकती है। वहीं ट्रंप ने युद्ध विराम की संभावनाओं का भी संकेत दिया है और शांति वार्ता की इच्छा जाहिर की ।
तेल की कीमतों में अस्थिरता देखी जा रही है—ब्रेंट क्रूड $73.57 प्रति बैरल और WTI $72.06 तक पहुंच चुका है। यह आवेग मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति में संभावित रुकावटों की वजह से हैं ।
तेहरान में अस्पतालों में घायलों की भीड़, इससे सिविलियन संकट स्पष्ट होता है ।
इज़राइल ने तेहरान पर हवाई दबदबा कायम किया, और दोनों पक्ष भारी मिसाइल हमलों में पहले से कहीं अधिक तेज़ी दिखा रहे हैं ।
ट्रंप-मैक्रॉन के बीच जारी विवाद और G7 से आ रही शांति की अपील मध्यस्थता की संभावना बढ़ा रही है ।
यह संघर्ष अब तक का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला और सबसे ज्यादा विनाशकारी रूप ले चुका है, जिससे मध्य पूर्व और वैश्विक स्तर पर स्थिरता को भारी खतरा है। अब यह देखना होगा कि क्या इसी बीच कोई राजनयिक प्रयास सफल हो पाएगा, या संघर्ष और गहराएगा।