Last Updated Mar - 29 - 2025, 11:47 AM | Source : Fela News
नेपाल में बढ़ते प्रदर्शन और हिंसा के कारण प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में काठमांडू में हो रही हिंसा और आगजनी पर चर्चा होगी।
Nepal Political Crisis: नेपाल में राजशाही की वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन बढ़ गए हैं, जिससे हिंसा भड़क गई। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। हालात संभालने के लिए गृह मंत्रालय ने सुरक्षा प्रमुखों के साथ आपात बैठक बुलाई है।
काठमांडू में झड़पें, आगजनी और पुलिस पर हमला
काठमांडू में राजशाही समर्थकों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, जिस पर सुरक्षाबलों ने आंसू गैस छोड़ी। हिंसा के दौरान एक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, शॉपिंग मॉल, एक राजनीतिक दल का मुख्यालय और एक मीडिया हाउस में आग लगा दी गई। इस हमले में 12 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए।
नेपाल सरकार की प्रतिक्रिया
बढ़ती हिंसा को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आपात कैबिनेट बैठक बुलाई। सरकार पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराने और उनकी गिरफ्तारी पर विचार कर रही है। कैबिनेट में उनकी गिरफ्तारी के संभावित परिणामों पर चर्चा हो रही है।
हिंसा के कारण काठमांडू एयरपोर्ट बंद
काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। कई उड़ानें भारत की ओर डायवर्ट की गईं, जिनमें बैंकॉक, ढाका, दुबई और सियोल से आने वाली फ्लाइट्स शामिल हैं।
राजशाही की मांग क्यों बढ़ी?
नेपाल ने 2008 में राजशाही खत्म कर लोकतंत्र अपनाया, लेकिन जनता में भ्रष्टाचार, आर्थिक अस्थिरता और सरकारों के बार-बार बदलने से नाराजगी बढ़ रही है। इसी कारण राजशाही की बहाली की मांग तेज हो गई है।
पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह का समर्थन बढ़ा
फरवरी 19 को लोकतंत्र दिवस पर ज्ञानेन्द्र शाह ने जनता से समर्थन मांगा, जिससे आंदोलन तेज हो गया। उनकी धार्मिक यात्रा से लौटने पर हजारों समर्थकों ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया और "राजा वापस आओ, देश बचाओ" के नारे लगाए।
नेपाल में राजशाही आंदोलन मजबूत होता जा रहा
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल में हिंदू राजशाही की बहाली की मांग तेजी से बढ़ रही है। 2008 के बाद से 13 सरकारें बदली हैं, लेकिन राजनीतिक स्थिरता नहीं आ पाई, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।