Last Updated Dec - 10 - 2025, 05:26 PM | Source : Fela News
अमेरिका ने वीजा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है, जिससे भारतीय आवेदकों के बीच डर और भ्रम दोनों बढ़ गए हैं। सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल अब जांच का अहम हिस्सा बन चुका ह
अमेरिका के नए नियमों के तहत वीजा के लिए आवेदन करने वाले हर व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहराई से जांच होगी। इसका मतलब है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, लिंक्डइन और बाकी प्लेटफॉर्म पर की गई पोस्ट, कमेंट, फोटो, वीडियो, सब कुछ अब समीक्षा के दायरे में आएगा। यह प्रक्रिया सुरक्षा कारणों से लागू की गई है, लेकिन इसका असर सबसे ज्यादा भारतीय युवाओं पर दिखने लगा है, जो हर साल बड़ी संख्या में स्टूडेंट वीजा और वर्क वीजा के लिए आवेदन करते हैं।
कई लोग इसे लेकर सोशल मीडिया पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। उनका कहना है कि अब किसी भी पुरानी पोस्ट को गलत तरीके से समझा जा सकता है, जिससे वीजा आवेदन फंस सकता है। खासकर मीम्स, राजनीतिक पोस्ट, मज़ाक या गुस्से में लिखी पुरानी टिप्पणियां भी समस्या बन सकती हैं। वीजा इंटरव्यू के दौरान अधिकारी आवेदक से उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर सवाल भी कर सकते हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है ताकि किसी तरह के संदेहास्पद डिजिटल footprint वाले व्यक्ति की जल्द पहचान हो सके। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी बहस तेज होगी, क्योंकि अब डिजिटल व्यवहार सीधे वीजा मंजूरी से जुड़ गया है।
भारत में इस बदलाव के बाद सलाह दी जा रही है कि लोग अपनी सोशल मीडिया हिस्ट्री को ध्यान से जांचें, कौन से पब्लिक पोस्ट दिख रहे हैं, किस तरह की बातें लिखी गई हैं, किस प्रकार के अकाउंट्स से जुड़ाव है और क्या कोई ऐसा कंटेंट है जिसे गलत ढंग से पेश किया जा सकता है। कई लोग पुराने पोस्ट डिलीट या प्राइवेट करने लगे हैं, ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।
फिलहाल यह बदलाव लागू हो चुका है और वीजा प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त और ऑनलाइन गतिविधियों पर निर्भर हो गई है। भारतीय आवेदकों के लिए यह नया नियम एक तरह से चेतावनी है, ऑनलाइन दुनिया में कही गई हर बात अब ऑफलाइन मंजूरी को प्रभावित कर सकती है।