Last Updated Mar - 31 - 2025, 03:04 PM | Source : Fela News
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने उपयोगकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की, क्योंकि ChatGPT पर 'घिबली' जैसी छवियों की बाढ़ ने समस्या पैदा कर दी है। इस मुद्दे पर कंपनी
हाल ही में, ओपनएआई के चैटजीपीटी की नई इमेज जनरेशन सुविधा ने उपयोगकर्ताओं को स्टूडियो घिबली की विशिष्ट कला शैली में छवियों को बदलने की क्षमता प्रदान की। इस फीचर की लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी कि ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन को उपयोगकर्ताओं से अनुरोध करना पड़ा कि वे छवियों के निर्माण में संयम बरतें, ताकि उनकी टीम को आवश्यक विश्राम मिल सके।
ऑल्टमैन की अपील: 'हमारी टीम को नींद की जरूरत है'
सैम ऑल्टमैन ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "क्या आप सभी कृपया छवियों के निर्माण में थोड़ा संयम बरत सकते हैं? यह पागलपन है, हमारी टीम को नींद की जरूरत है।"
'घिबली' शैली की छवियों की बढ़ती मांग
चैटजीपीटी की इस नई सुविधा के माध्यम से, उपयोगकर्ता अपनी व्यक्तिगत तस्वीरों या इंटरनेट मीम्स को स्टूडियो घिबली की कला शैली में परिवर्तित कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति इतनी तेजी से फैली कि ओपनएआई को अस्थायी दर सीमाएं लागू करनी पड़ीं और कुछ अनुरोधों को अवरुद्ध करना पड़ा।
कॉपीराइट और नैतिक चिंताएं
इस फीचर की लोकप्रियता के साथ ही, कॉपीराइट और नैतिकता से संबंधित चिंताएं भी उठी हैं। स्टूडियो घिबली के सह-संस्थापक हायाओ मियाज़ाकी ने एआई कला के प्रति अपनी असहमति व्यक्त की है, और इस प्रकार की एआई-जनित कला को उनकी मेहनत और कला के प्रति अपमानजनक माना है।
ओपनएआई की प्रतिक्रिया और भविष्य की दिशा
उपयोगकर्ताओं की बढ़ती मांग और कॉपीराइट चिंताओं के मद्देनजर, ओपनएआई ने कुछ अनुरोधों को अवरुद्ध करना शुरू कर दिया है और अपनी नीतियों की समीक्षा कर रहा है। कंपनी का उद्देश्य रचनात्मक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है, जबकि कॉपीराइट सुरक्षा और नैतिकता के प्रति भी सतर्क रहना है।
चैटजीपीटी की 'घिबली' शैली की छवियों की बढ़ती लोकप्रियता ने एआई-जनित कला की संभावनाओं और चुनौतियों को उजागर किया है। जहां यह तकनीक रचनात्मकता के नए द्वार खोलती है, वहीं कॉपीराइट और नैतिकता से संबंधित मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।