Last Updated Jun - 02 - 2025, 02:15 PM | Source : Fela News
यूक्रेन ने रूस के चार प्रमुख एयरबेस पर गुप्त ड्रोन हमले कर 40 से अधिक बमवर्षक विमानों को नष्ट कर दिया, जिससे रूस को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ।
1 जून 2025 को, यूक्रेन ने 'ऑपरेशन स्पाइडर वेब' के तहत रूस के अंदर गहरे स्थित एयरबेसों पर एक अभूतपूर्व ड्रोन हमला किया। इस ऑपरेशन में 117 FPV (फर्स्ट पर्सन व्यू) ड्रोन का उपयोग किया गया, जिन्हें विशेष रूप से तैयार ट्रकों में छिपाकर रूस के अंदर पहुंचाया गया था। इन ट्रकों को एयरबेसों के पास स्थित किया गया और ड्रोन को दूरस्थ रूप से लॉन्च किया गया।
हमले के लक्ष्य रूस के चार प्रमुख एयरबेस थे: ओलेन्या, बेलाया, इवानोवो और डियाघिलेवो। इन हमलों में रूस के रणनीतिक बमवर्षक विमानों जैसे Tu-95, Tu-22M3 और A-50 AEW&C को निशाना बनाया गया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में रूस के 40 से अधिक सैन्य विमान नष्ट हुए, जिससे रूस की लंबी दूरी की हमलावर क्षमता पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इस ऑपरेशन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह यूक्रेन की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन की योजना 18 महीने पहले शुरू हुई थी और इसे यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) ने अंजाम दिया।
रूस ने इन हमलों की पुष्टि की है, लेकिन उनके प्रभाव को कमतर बताया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को "आतंकवादी कृत्य" करार दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला रूस की सैन्य क्षमता और मनोबल दोनों पर बड़ा आघात है।
इस ऑपरेशन से यह स्पष्ट होता है कि यूक्रेन अब पारंपरिक युद्ध के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और गुप्त रणनीतियों का भी प्रभावी उपयोग कर रहा है, जिससे रूस को अप्रत्याशित नुकसान हो रहा है।